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Kaithal News: सरकारी स्कूलों में डिजिटल उपकरणों का होगा डिजिटल ऑडिट
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कैथल। सरकारी स्कूलों में उपलब्ध डिजिटल उपकरणों की वास्तविक स्थिति का ब्योरा देना होगा। इसकी पूरी जानकारी 13 जुलाई तक एमआईएस पोर्टल पर देनी होगी। इसे लेकर शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र में स्कूलों में उपलब्ध डिजिटल उपकरणों और उनकी कार्यात्मक स्थिति का डाटा ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि एमआईएस पोर्टल पर स्कूलों के लाॅगिन में एक नया माड्यूल तैयार किया गया है। इसके जरिये स्कूलों को अपने यहां उपलब्ध सभी डिजिटल उपकरणों का पूरा ब्योरा देना होगा। निदेशालय ने इस काम को जरूरी बताते हुए कहा है कि सभी स्कूल 13 जुलाई तक एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपडेट करना सुनिश्चित करें। डीईओ और डीईईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के सभी स्कूलों को तुरंत निर्देशित करें और डाटा की जांच के बाद ही सबमिट करवाएं।
इन उपकरणों का देना होगा ब्योरा
सूची में आईसीटी लैब, कंप्यूटर, इंटरएक्टिव डिजिटल बोर्ड, स्मार्ट एलईडी टीवी, प्रोजेक्टर, प्रिंटर-स्कैनर, यूपीएस, इन्वर्टर, जेनसेट, टैबलेट और सीसीटीवी कैमरा जैसे उपकरण शामिल हैं। 2020 के बाद स्थापित आईसीटी लैब का डाटा भी अलग से मांगा गया है। जरूरत पड़ने पर मुख्यालय स्तर से इस सूची में और उपकरण भी जोड़े जा सकेंगे। स्कूलों को हर उपकरण के लिए 11 तरह की जानकारी देनी होगी। इसमें डिवाइस का प्रकार, ब्रांड और माडल, कुल कितने मिले, किस योजना के तहत मिले, कब मिले, अभी कितने उपलब्ध हैं, कितने चालू हैं और कितने खराब हैं, इसका ब्योरा शामिल है। सबसे अहम बात यह है कि जो उपकरण खराब हैं या इस्तेमाल में नहीं हैं, उनका कारण भी बताना होगा। पिछले कुछ साल में सरकार ने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के नाम पर स्कूलों में भारी निवेश किया है लेकिन कई जगह उपकरण खराब पड़े होने या बिजली न होने की शिकायतें आती रही हैं।
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निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार तय समय में पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसे लेकर कार्य शुरू कर दिया गया है। - सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ
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जारी पत्र में स्कूलों में उपलब्ध डिजिटल उपकरणों और उनकी कार्यात्मक स्थिति का डाटा ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि एमआईएस पोर्टल पर स्कूलों के लाॅगिन में एक नया माड्यूल तैयार किया गया है। इसके जरिये स्कूलों को अपने यहां उपलब्ध सभी डिजिटल उपकरणों का पूरा ब्योरा देना होगा। निदेशालय ने इस काम को जरूरी बताते हुए कहा है कि सभी स्कूल 13 जुलाई तक एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपडेट करना सुनिश्चित करें। डीईओ और डीईईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के सभी स्कूलों को तुरंत निर्देशित करें और डाटा की जांच के बाद ही सबमिट करवाएं।
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इन उपकरणों का देना होगा ब्योरा
सूची में आईसीटी लैब, कंप्यूटर, इंटरएक्टिव डिजिटल बोर्ड, स्मार्ट एलईडी टीवी, प्रोजेक्टर, प्रिंटर-स्कैनर, यूपीएस, इन्वर्टर, जेनसेट, टैबलेट और सीसीटीवी कैमरा जैसे उपकरण शामिल हैं। 2020 के बाद स्थापित आईसीटी लैब का डाटा भी अलग से मांगा गया है। जरूरत पड़ने पर मुख्यालय स्तर से इस सूची में और उपकरण भी जोड़े जा सकेंगे। स्कूलों को हर उपकरण के लिए 11 तरह की जानकारी देनी होगी। इसमें डिवाइस का प्रकार, ब्रांड और माडल, कुल कितने मिले, किस योजना के तहत मिले, कब मिले, अभी कितने उपलब्ध हैं, कितने चालू हैं और कितने खराब हैं, इसका ब्योरा शामिल है। सबसे अहम बात यह है कि जो उपकरण खराब हैं या इस्तेमाल में नहीं हैं, उनका कारण भी बताना होगा। पिछले कुछ साल में सरकार ने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के नाम पर स्कूलों में भारी निवेश किया है लेकिन कई जगह उपकरण खराब पड़े होने या बिजली न होने की शिकायतें आती रही हैं।
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निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार तय समय में पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसे लेकर कार्य शुरू कर दिया गया है। - सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ