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Kaithal News: घग्गर नदी में पानी आने से लोगों को सताने लगा बाढ़ का डर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:32 AM IST
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The arrival of water in the Ghaggar River has sparked fears of flooding among the people.
सरोला साइफन में आया पानी। प्रवक्ता
गुहला-चीका। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण घग्गर, टांगरी, युमना, मारकंडा नदी उफान पर है। इसके कारण गुहला-चीका क्षेत्र सटी घग्गर नदी में शाम तक तकरीबन 12.9 फीट पानी पहुंच चुका है। इससे घग्गर नदी के किनारे बसे हुए करीब 35 गांवों के ग्रामीणों को संभावित बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
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पिछले वर्ष 22 जुलाई को घग्गर में पानी आया था। इस बार 11 दिन पहले ही पानी आ गया है। किसानों के लिए यह फायदेमंद हैं। वर्ष 2023 में घग्गर नदी के उफान के चलते गुहला चीका क्षेत्र में भारी बाढ़ आई थी, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ था। अब एक बार फिर बढ़ते जलस्तर ने लोगों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। शनिवार को टटियाना पुल पर लगे सरकारी गेज के अनुसार, नदी का जलस्तर करीब 12.9 फीट रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नदी के आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि वे नदी और बरसाती नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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घग्गर नदी में 10 बार आ चुकी है बाढ़:
घग्गर गुहला चीका क्षेत्र को दस बार बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। सबसे पहले वर्ष 1988 में उसके बाद 1993, 1995,1996 और 2010 में घग्गर ने गुहला चीका क्षेत्र में खूब तबाही मचाई थी। वर्ष 2010 और 2023 में घग्गर द्वारा मचाई गई तबाही लोगों को अब भी याद है। वर्ष 2010 में 70 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए थे। वहीं 33 हजार एकड़ से अधिक फसल तबाह हो गई थी। वहीं वर्ष 1993 में करीब दस हजार एकड़ फसल तबाह हुई थी। वर्ष 2023 में लगभग 62,400 क्यूसेक तक पानी आया था। नदी के खतरे के निशान (जो कि 48,534 क्यूसेक है) से कहीं अधिक पानी का बहाव होने के कारण क्षेत्र के कई गांवों और कृषि भूमि में गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वर्ष 2025 में लगभग 47,281 हजार। बाढ़ नियंत्रण के ठोस इंतजाम नहीं होने से हर साल ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण घग्गर नदी में शाम तक 12.9 फीट रिकॉर्ड किया गया। इस में घबराने वाली बात नही है क्योंकि पीछे साथ रुकने के कारण पानी कम होने लगा है यहां भी रविवार तक पानी धीरे-धीरे कम शुरू हो जाएगा। फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे है।
- सूरज गर्ग, जेई, इरिगेशन विभाग चीका।

सरोला साइफन में आया पानी। प्रवक्ता

सरोला साइफन में आया पानी। प्रवक्ता

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