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Kaithal News: मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 के माध्यम से सहमति से होगा विवादों का समाधान
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कैथल। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए), कैथल के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी कंवल कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण और मध्यस्थता व सुलह परियोजना समिति, सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में देशव्यापी विशेष अभियान मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित और समझौते की संभावना वाले मामलों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित व कम खर्च में समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक मध्यस्थता योग्य मामलों की पहचान की जाएगी। इस दौरान वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस (धारा-138 एनआई एक्ट), वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, विभागीय वसूली, संपत्ति विभाजन, किरायेदारी एवं बेदखली विवाद, भूमि अधिग्रहण और अन्य उपयुक्त सिविल मामलों को मध्यस्थता के लिए चिन्हित किया जाएगा।
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सीजेएम कंवल कुमार ने कहा कि मध्यस्थता ऐसी प्रक्रिया है जिसमें निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से दोनों पक्ष आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान करते हैं। इससे समय, धन की बचत होती है और आपसी संबंध भी सुरक्षित रहते हैं। मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया गोपनीय होती है और पक्षकार अपनी सुविधा एवं सहमति से समाधान तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने जिले के नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों और न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों से इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
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सीजेएम कंवल कुमार ने कहा कि मध्यस्थता ऐसी प्रक्रिया है जिसमें निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से दोनों पक्ष आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान करते हैं। इससे समय, धन की बचत होती है और आपसी संबंध भी सुरक्षित रहते हैं। मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया गोपनीय होती है और पक्षकार अपनी सुविधा एवं सहमति से समाधान तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने जिले के नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों और न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों से इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
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