कैथल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से गांव सजूमा में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सरपंच सीमा देवी ने की। इस दौरान सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण और संचालन एवं रख-रखाव नीति-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने कहा कि असुरक्षित निजी पेयजल कनेक्शन जल प्रदूषण का प्रमुख कारण बनते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से ऐसे कनेक्शनों को जल्द ठीक कराने, घरों की पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने और पेयजल को उबालकर इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जलापूर्ति, जल गुणवत्ता या पाइपलाइन लीकेज संबंधी शिकायतें विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5678 पर दर्ज कराई जा सकती हैं। विभाग की ओर से अब तक गांव सजूमा में करीब 50 असुरक्षित निजी पेयजल कनेक्शनों को ठीक कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संचालन एवं रख-रखाव नीति-2026 के तहत जिले की 47 ग्राम पंचायतों के साथ समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इससे जल योजनाओं के संचालन में स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नीति आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार, बीआरसी संदीप कुमार, ग्राम सचिव पूजा, सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम, रेणु, सीता और ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे। इस मौके पर गांव के प्रत्येक परिवार से एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा लगाने का भी आह्वान किया गया।