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Kaithal News: मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट अटका, डेडलाइन नजदीक, निर्माण अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:55 AM IST
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मेडिकल कालेज में निर्माणाधीन अस्पताल ब्लाक।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सांपलाखेड़ी में बन रहा 935 करोड़ रुपये का भगवान परशुराम मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट तय समय सीमा पर पूरा नहीं हो सकेगा। निर्माण एजेंसी की धीमी गति और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी निगरानी की कमी के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगातार देरी का शिकार हो रही है। परियोजना पूरा करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित है, लेकिन अब तक मुख्य भवन भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।
कुल निर्माण कार्य का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा अभी भी अधूरा है। आमतौर पर ऐसे बड़े प्रोजेक्ट में समयसीमा का पालन न करने पर एजेंसी पर जुर्माना या सख्त कार्रवाई का प्रावधान होता है, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके बजाय प्रशासनिक स्तर पर डेडलाइन बढ़ाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
जानकारी मिली है कि मंगलवार को इस संबंध में समीक्षा बैठक होनी है, जिसमें प्रोजेक्ट की प्रगति और समयसीमा बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।
बुनियादी ढांचा तैयार, फिनिशिंग का काम बाकी : मेडिकल कॉलेज परिसर में अस्पताल ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, हॉस्टल और आवासीय परिसर का ढांचा तो काफी हद तक तैयार हो चुका है, लेकिन फिनिशिंग कार्य अधूरा है। बिजली फिटिंग, प्लंबिंग, फ्लोरिंग, पेंटिंग तथा मेडिकल उपकरणों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य अभी बाकी हैं। जब तक यह कार्य पूरे नहीं होते, तब तक ओपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करना संभव नहीं होगा।
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जनता को इंतजार, उम्मीदों पर असर
इस मेडिकल कॉलेज के समय पर तैयार न होने से स्थानीय लोगों को बड़ा नुकसान हो रहा है। कैथल सहित आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर उपचार के लिए चंडीगढ़, रोहतक और दिल्ली जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इस परियोजना से उम्मीद थी कि क्षेत्रवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सेवाएं नजदीक ही उपलब्ध होंगी, लेकिन देरी के कारण यह इंतजार और लंबा हो गया है। स्थानीय लोगों एवं समाजसेवियों ने मांग की है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की गति तेज कराए।
प्रमुख सुविधाएं
530 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल भवन
बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और 7 मंजिलों वाला ढांचा
350 क्षमता का लड़कों का हॉस्टल तथा 250 क्षमता का लड़कियों का हॉस्टल
डाइनिंग और किचन की समुचित व्यवस्था
जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों एवं ग्रुप-1 व 2 अधिकारियों के लिए आवासीय ब्लॉक
आधुनिक मेडिकल उपकरण, फर्नीचर, साइट डेवलपमेंट एवं अन्य सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी निदेशक डॉ. निवेश अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में निर्माण कार्य लगभग 15 प्रतिशत अधूरा है। 30 जून तक कार्य पूर्ण न होने की स्थिति को लेकर मंगलवार को समीक्षा बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
कैथल। सांपलाखेड़ी में बन रहा 935 करोड़ रुपये का भगवान परशुराम मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट तय समय सीमा पर पूरा नहीं हो सकेगा। निर्माण एजेंसी की धीमी गति और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी निगरानी की कमी के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगातार देरी का शिकार हो रही है। परियोजना पूरा करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित है, लेकिन अब तक मुख्य भवन भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।
कुल निर्माण कार्य का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा अभी भी अधूरा है। आमतौर पर ऐसे बड़े प्रोजेक्ट में समयसीमा का पालन न करने पर एजेंसी पर जुर्माना या सख्त कार्रवाई का प्रावधान होता है, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके बजाय प्रशासनिक स्तर पर डेडलाइन बढ़ाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
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जानकारी मिली है कि मंगलवार को इस संबंध में समीक्षा बैठक होनी है, जिसमें प्रोजेक्ट की प्रगति और समयसीमा बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।
बुनियादी ढांचा तैयार, फिनिशिंग का काम बाकी : मेडिकल कॉलेज परिसर में अस्पताल ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, हॉस्टल और आवासीय परिसर का ढांचा तो काफी हद तक तैयार हो चुका है, लेकिन फिनिशिंग कार्य अधूरा है। बिजली फिटिंग, प्लंबिंग, फ्लोरिंग, पेंटिंग तथा मेडिकल उपकरणों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य अभी बाकी हैं। जब तक यह कार्य पूरे नहीं होते, तब तक ओपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करना संभव नहीं होगा।
जनता को इंतजार, उम्मीदों पर असर
इस मेडिकल कॉलेज के समय पर तैयार न होने से स्थानीय लोगों को बड़ा नुकसान हो रहा है। कैथल सहित आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर उपचार के लिए चंडीगढ़, रोहतक और दिल्ली जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इस परियोजना से उम्मीद थी कि क्षेत्रवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सेवाएं नजदीक ही उपलब्ध होंगी, लेकिन देरी के कारण यह इंतजार और लंबा हो गया है। स्थानीय लोगों एवं समाजसेवियों ने मांग की है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की गति तेज कराए।
प्रमुख सुविधाएं
530 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल भवन
बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और 7 मंजिलों वाला ढांचा
350 क्षमता का लड़कों का हॉस्टल तथा 250 क्षमता का लड़कियों का हॉस्टल
डाइनिंग और किचन की समुचित व्यवस्था
जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों एवं ग्रुप-1 व 2 अधिकारियों के लिए आवासीय ब्लॉक
आधुनिक मेडिकल उपकरण, फर्नीचर, साइट डेवलपमेंट एवं अन्य सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी निदेशक डॉ. निवेश अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में निर्माण कार्य लगभग 15 प्रतिशत अधूरा है। 30 जून तक कार्य पूर्ण न होने की स्थिति को लेकर मंगलवार को समीक्षा बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

मेडिकल कालेज में निर्माणाधीन अस्पताल ब्लाक।