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Kaithal News: डंपिंग यार्ड के विरोध में ग्रामीणों का धरना तेज, माजरा ने दिया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसीकैथल। खुराना रोड स्थित डंपिंग यार्ड को बंद करने की मांग को लेकर 12 जून से धरने पर बैठे ग्रामीणों को समर्थन देने के लिए इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार और प्रशासन से बिना देरी किए डंपिंग यार्ड को यहां से हटाने की मांग की।
माजरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने ग्रामीणों व किसानों की मांगों को अनदेखा किया तो इनेलो सड़क पर उतरने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
उन्होंने कहा कि 12 जून से कालू वाली गामड़ी, डेरा गदला, सेक्टर-21, वार्ड-5, खुराना, कुलतारण, पट्टी अफगान, जगदीशपुरा, डोहर सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि डंपिंग यार्ड गलत तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कचरा डंपिंग यार्ड संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल विभाग और संबंधित ग्राम पंचायतों की आवश्यक एनओसी तक नहीं है, इसके बावजूद इसे चलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह नियमों और मानकों के विपरीत है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों और किसानों की मांग है कि डंपिंग यार्ड को ऐसी जगह स्थानांतरित किया जाए, जहां सभी कानूनी और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
माजरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने ग्रामीणों व किसानों की मांगों को अनदेखा किया तो इनेलो सड़क पर उतरने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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उन्होंने कहा कि 12 जून से कालू वाली गामड़ी, डेरा गदला, सेक्टर-21, वार्ड-5, खुराना, कुलतारण, पट्टी अफगान, जगदीशपुरा, डोहर सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि डंपिंग यार्ड गलत तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कचरा डंपिंग यार्ड संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल विभाग और संबंधित ग्राम पंचायतों की आवश्यक एनओसी तक नहीं है, इसके बावजूद इसे चलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह नियमों और मानकों के विपरीत है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों और किसानों की मांग है कि डंपिंग यार्ड को ऐसी जगह स्थानांतरित किया जाए, जहां सभी कानूनी और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।