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Kaithal News: पंचायती मिट्टी बेचने की शिकायत का नहीं मिला हल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय में लगाए जा रहे समाधान शिविरों में अब फरियादियों की संख्या घटने लगी है। इसका कारण लोगों को समाधान की बजाय आश्वासन मिलना बताया जा रहा है। वीरवार को आयोजित शिविर में भी गांव चुहड़ माजरा की पंचायती जमीन से मिट्टी उठाकर बेचने का मामला सामने आया, लेकिन इस बार भी इसका समाधान नहीं हो पाया। फिलहाल मामले में जांच की बात कही जा रही है।
बताया गया कि यह शिकायत पिछले शिविर में भी आई थी, लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दोबारा शिविर में पहुंचे फरियादी कप्तान सिंह ने रोष जताते हुए कहा कि समाधान के नाम पर उन्हें केवल दफ्तरों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
अधिकारियों द्वारा हर बार जांच का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। ऐसे में अब आम लोगों का भरोसा इन शिविरों से उठने लगा है। कई लोगों ने इस पर नाराजगी भी जताई।
सिरटा गांव निवासी बिमला देवी ने बताया कि वह लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन करना चाहती थीं, लेकिन फैमिली आईडी में आय 1.40 लाख रुपये दर्शाई गई है। अधिकारियों ने कहा कि यह सीमा से कम नहीं हो सकती, इसलिए अप्रैल माह में ही आवेदन संभव होगा। चुहड़ माजरा निवासी कप्तान सिंह ने बताया कि गांव की पंचायती जमीन से अवैध रूप से मिट्टी उठाकर बेची जा रही है। वह कई बार अधिकारियों को शिकायत दे चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिविर में भी उन्हें दूसरी पार्टी के न आने का हवाला देकर वापस भेज दिया गया।
बिजली, पेयजल आपूर्ति और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। -गुरविंद्र सिंह, सीटीएम
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कैथल। लघु सचिवालय में लगाए जा रहे समाधान शिविरों में अब फरियादियों की संख्या घटने लगी है। इसका कारण लोगों को समाधान की बजाय आश्वासन मिलना बताया जा रहा है। वीरवार को आयोजित शिविर में भी गांव चुहड़ माजरा की पंचायती जमीन से मिट्टी उठाकर बेचने का मामला सामने आया, लेकिन इस बार भी इसका समाधान नहीं हो पाया। फिलहाल मामले में जांच की बात कही जा रही है।
बताया गया कि यह शिकायत पिछले शिविर में भी आई थी, लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दोबारा शिविर में पहुंचे फरियादी कप्तान सिंह ने रोष जताते हुए कहा कि समाधान के नाम पर उन्हें केवल दफ्तरों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
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अधिकारियों द्वारा हर बार जांच का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। ऐसे में अब आम लोगों का भरोसा इन शिविरों से उठने लगा है। कई लोगों ने इस पर नाराजगी भी जताई।
सिरटा गांव निवासी बिमला देवी ने बताया कि वह लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन करना चाहती थीं, लेकिन फैमिली आईडी में आय 1.40 लाख रुपये दर्शाई गई है। अधिकारियों ने कहा कि यह सीमा से कम नहीं हो सकती, इसलिए अप्रैल माह में ही आवेदन संभव होगा। चुहड़ माजरा निवासी कप्तान सिंह ने बताया कि गांव की पंचायती जमीन से अवैध रूप से मिट्टी उठाकर बेची जा रही है। वह कई बार अधिकारियों को शिकायत दे चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिविर में भी उन्हें दूसरी पार्टी के न आने का हवाला देकर वापस भेज दिया गया।
बिजली, पेयजल आपूर्ति और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। -गुरविंद्र सिंह, सीटीएम