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Kaithal News: 3.50 लाख एकड़ गेहूं की फसल पर आग से बचाव के लिए संसाधन बहुत कम

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 06 Mar 2026 01:37 AM IST
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Resources are limited to prevent fire on 3.50 lakh acres of wheat crop.
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। गेहूं की फसल पकने के साथ ही अन्नदाताओं की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं। अग्निकांडों से निपटने के लिए फायर विभाग के पास संसाधनों और स्टाफ की भारी कमी है। जिले में करीब 3.50 लाख एकड़ में गेहूं की फसल खड़ी है,

जबकि आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए विभाग के पास केवल 23 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हैं। इनमें से कई गाड़ियों की सर्विस भी अभी तक नहीं कराई गई है और उनकी फाइलें दफ्तरों की मेजों पर ही अटकी हुई हैं।
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नियमों के अनुसार एक दमकल गाड़ी के संचालन के लिए ड्राइवर और फायरमैन सहित कम से कम 10 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से 23 गाड़ियों के लिए करीब 230 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन विभाग के पास केवल 82 कर्मचारी ही उपलब्ध हैं। यानी करीब 64 प्रतिशत स्टाफ की कमी बनी हुई है। इसके अलावा पूंडरी और चीका में स्टेशन ऑफिसर (एसओ) के पद भी खाली पड़े हैं, जबकि कैथल में भी अतिरिक्त चार्ज के सहारे काम चलाया जा रहा है। ऐसे में यदि गेहूं के सीजन में कहीं आग लगने की घटना होती है तो उस पर तुरंत काबू पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। कुल मिलाकर फायर ब्रिगेड विभाग खुद ही संसाधनों की कमी की आग में झुलसता नजर आ रहा है।

प्रशासनिक सुस्ती से संकट गहराया : भाकियू : पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो गेहूं के खेतों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई थीं। इस बार स्टाफ की कमी और उपकरणों की मरम्मत लंबित रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना का कहना है कि कई बार आग लगने की सूचना देने के बाद दमकल गाड़ी को पहुंचने में घंटों लग जाते हैं और तब तक खेतों की फसल जलकर खाक हो चुकी होती है।

उनका कहना है कि विभाग के पास नई नियुक्तियां करने और गाड़ियों के रख-रखाव के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण समस्या और गंभीर हो गई है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गेहूं की कटाई शुरू होने से पहले अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था और गाड़ियों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो इस सीजन में आगजनी की घटनाओं पर काबू पाना प्रशासन के लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकता है।

वर्कशॉप का इंतजार कर रहीं दमकल गाड़ियां


जिले में कागजों पर दमकल विभाग के पास संसाधनों की लंबी सूची दिखाई देती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। स्टाफ की भारी कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है, जिससे आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय प्रभावित हो सकता है। मशीनों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। गेहूं के सीजन से पहले सभी 23 गाड़ियों की व्यापक सर्विसिंग और उपकरणों की जांच जरूरी थी, लेकिन कई गाड़ियां अब भी वर्कशॉप जाने का इंतजार कर रही हैं। बिना सर्विस के इन गाड़ियों को खेतों की उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर ले जाना जोखिम भरा साबित हो सकता है। अधिकारियों के उन दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनमें कहा गया था कि मार्च तक सभी गाड़ियों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।

दमकल विभाग के अधिकारी संदीप ग्रेवाल ने बताया कि विभाग सीजन के दौरान हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। सभी स्टेशनों पर गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि गाड़ियों की सर्विसिंग की अनुमति के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है और अनुमति मिलते ही सर्विस का कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा।

स्टेशन गाड़ियां
कैथल
8

पूंडरी 5

चीका
5

सीवन
1

राजौंद 2

कलायत 2
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