सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   People asked for a solution and got assurances.

Kaithal News: लोगों ने मांगा समाधान, मिला आश्वासन

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 21 Jan 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
People asked for a solution and got assurances.
खुला दरबार में समस्या लेकर पहुंचे उपभोक्ता।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos


कैथल। विद्युत प्रसारण निगम की ओर से पिहोवा चौक स्थित बिजली निगम कार्यालय में मंगलवार को खुला दरबार लगा। दावा किया गया कि अधिकांश शिकायतों का समाधान कर दिया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग नजर आई। कुछ शिकायतों का मौके पर निपटारा जरूर हुआ, लेकिन अधिकतर मामलों में फरियादियों को केवल आश्वासन ही मिला। दरबार से बाहर निकलते समय कई उपभोक्ताओं के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी।

खुला दरबार का समय सुबह 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक निर्धारित था। उपभोक्ता समय से पहले ही कार्यालय परिसर में पहुंचने लगे, लेकिन उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम के चेयरमैन करीब 25 मिनट की देरी से समस्या सुनने वाले कक्ष में पहुंचे। चेयरमैन के देर से आने को लेकर उपभोक्ताओं में रोष भी देखने को मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


खुले दरबार में उपभोक्ता कष्ट निवारण फोरम के चेयरमैन देशराज ने शिकायतें सुनीं। इस दौरान बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) सोमबीर भालोठिया भी मौजूद रहे। निगम ने दाव किया कि खुले दरबार में कुल आठ शिकायतें आईं, जिनमें से पांच का मौके पर समाधान किया गया, जबकि तीन मामलों में बिजली बिल दुरुस्त करने के आदेश दिए गए। एक उपभोक्ता का मोबाइल नंबर भी ठीक किया गया।

खुले दरबार में लोगों की समस्याएं सुनी गई हैं और अधिकांश शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अधिक से अधिक घरेलू बिजली मीटर लगवाने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पकड़े जाने पर भारी जुर्माने के साथ सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। -सोमबीर भालोठिया, एसई- बिजली निगम

बिल 42 हजार से अधिक, कम खपत के बावजूद भारी राशि

घरेलू बिजली का बिल मैं समय भरता आया हूं। इस बार 42 हजार 74 रुपये का बिल भेजा गया। कम खपत के बाद यह बिल ठीक नहीं है। जानकारी दी गई कि 2023 में मीटर बदला गया था और उस दौरान औसत के आधार पर बिल लगाया गया है। कई बार निगम कार्यालय के चक्कर काट चुका हूं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। -कृष्ण, नंदकरण माजरा।

कैंसर पीड़ित का बिल डेढ़ लाख बोले- खुला दरबार सिर्फ दिखावा

मुझे कैंसर है, इसके बावजूद मुझे करीब डेढ़ लाख रुपये का बिल थमा दिया है। मेरा खराब मीटर कर्मचारी उतारकर ले गए थे। तभी से ज्यादा बिल रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इलाज के खर्च के बीच इतना बड़ा बिल भरना मेरे लिए नामुमकिन है। खुले दरबार में भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। यह दरबार दिखावे के लिए है। -भगवाना राम, काकोथ।


दो महीने का जुर्माना छोड़कर एक साल का बिल थमाया

साथियों के साथ 15 जून को गांव पक्की पिसौल में शराब का सब-वेंड ठेका लिया था। 14 अगस्त को बिजली विभाग ने चोरी का मामला बनाया। जुर्माना 14 अगस्त को भर दिया, लेकिन विभाग ने पिछले एक साल का जुर्माना बनाकर 76,726 रुपये का बिल थमा दिया। जुर्माना केवल दो महीने का बनता था। शिकायत की पर समाधान न मिला। -रेशम सिंह, आंधली।

1800 रुपये से सीधे 45 हजार का बिल, कनेक्शन भी काटा

गांव में घरेलू बिजली कनेक्शन है। फरवरी 2025 में करीब 1800 रुपये का बिल भरा था, लेकिन मार्च में अचानक 45 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। बिल ठीक करवाने के लिए वे कई बार निगम कार्यालय जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बिल के चलते कनेक्शन भी काट दिया गया है। चक्कर काटकर परेशान हूं। -देसराज, खरका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed