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संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना ठीक नहीं है लोकतंत्र के लिए : योगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोंगल गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कुछ राजनीतिक दलों को लोकसभा अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर भी विश्वास नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि जब ये दल चुनाव जीत जाते हैं तो किसी तरह की आपत्ति नहीं करते, लेकिन जब हारते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं। यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग न्यायपालिका पर भी उंगली उठाने से नहीं चूकते, जबकि देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कड़वा घूंट और मीठा गप वाला रवैया ज्यादा दिन नहीं चलने वाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सनातन संस्कृति का विरोध करते हैं, उन्हें देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। भारत की संस्कृति और परंपराएं सनातन मूल्यों पर आधारित हैं और जनता ही ऐसे लोगों को समय आने पर जवाब देगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की परंपराओं की सराहना की।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का डीसी ने स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्ध बाबा की धूनी पर माथा टेककर आशीर्वाद लिया। सरपंच प्रतिनिधि संदीप ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को चादर, स्मृति चिह्न, आधा तोला सोना, सोने के कुंडल, चांदी का रुपया और एक लाख 1100 रुपये की राशि भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन मास्टर सतबीर सोंगल ने किया।
कार्यक्रम में उपायुक्त अपराजिता, पुलिस अधीक्षक उपासना, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुशील कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम गुर्जर, पूर्व जिला अध्यक्ष मनीष कठवाड़, सांसद कार्यालय प्रभारी रविंद्र धीमान, सुरेश संधू आदि उपस्थित रहे।
आठ मान के भंडारे में आठ प्रमुख मठों के संत हुए शामिल
नाथ संप्रदाय की परंपरा से जुड़े आठ मान के भंडारे में सोंगल, अबोहर, कोथ, रायसन, पिहोवा, उझाणा, धनौरी और हीरों कलां (पंजाब) सहित आठ प्रमुख मठों से संत-महात्मा और श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर महंत लहरनाथ, महंत शेरनाथ, महंत राजनाथ, महंत हरीनाथ, महंत पूर्णनाथ, महंत जिताईनाथ, महंत कृष्णनाथ, महंत समुंदरनाथ, महंत अर्जुननाथ, महंत चताईनाथ, महंत खुशीनाथ, महंत तेजनाथ, महंत बालकनाथ कैलरम, महंत गंगानाथ, महंत मोतीनाथ, महंत भोजनाथ, महंत सोमवारनाथ, सुरेंद्रनाथ सहित हजारों की संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। सिद्ध महंत मुकुटनाथ मठ की ओर से गांव में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
आठ मठों के महंतों का किया गया विशेष सम्मान
सिद्ध बाबा मुकुटनाथ की तपोस्थली पर आठों मठों के महंतों का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें मठ की ओर से एक लाख 1100 रुपये, घी का टीन, सोने की अंगूठी, चादर और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। वहीं अन्य महंतों को भी 51 हजार और 21 हजार रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया।
ग्रामीणों संदीप, विक्रम और मुकेश ने बताया कि महंतों का सम्मान उनके पद और परंपरा के अनुसार किया गया। उनका कहना है कि यह गांव सदैव संत-महात्माओं के सम्मान की परंपरा निभाता आया है और ग्रामीणों की भावना है कि संतों से लिया नहीं जाता, बल्कि उन्हें दिया जाता है।
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कैथल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोंगल गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कुछ राजनीतिक दलों को लोकसभा अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर भी विश्वास नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि जब ये दल चुनाव जीत जाते हैं तो किसी तरह की आपत्ति नहीं करते, लेकिन जब हारते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं। यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग न्यायपालिका पर भी उंगली उठाने से नहीं चूकते, जबकि देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कड़वा घूंट और मीठा गप वाला रवैया ज्यादा दिन नहीं चलने वाला।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सनातन संस्कृति का विरोध करते हैं, उन्हें देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। भारत की संस्कृति और परंपराएं सनातन मूल्यों पर आधारित हैं और जनता ही ऐसे लोगों को समय आने पर जवाब देगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की परंपराओं की सराहना की।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का डीसी ने स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्ध बाबा की धूनी पर माथा टेककर आशीर्वाद लिया। सरपंच प्रतिनिधि संदीप ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को चादर, स्मृति चिह्न, आधा तोला सोना, सोने के कुंडल, चांदी का रुपया और एक लाख 1100 रुपये की राशि भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन मास्टर सतबीर सोंगल ने किया।
कार्यक्रम में उपायुक्त अपराजिता, पुलिस अधीक्षक उपासना, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुशील कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम गुर्जर, पूर्व जिला अध्यक्ष मनीष कठवाड़, सांसद कार्यालय प्रभारी रविंद्र धीमान, सुरेश संधू आदि उपस्थित रहे।
आठ मान के भंडारे में आठ प्रमुख मठों के संत हुए शामिल
नाथ संप्रदाय की परंपरा से जुड़े आठ मान के भंडारे में सोंगल, अबोहर, कोथ, रायसन, पिहोवा, उझाणा, धनौरी और हीरों कलां (पंजाब) सहित आठ प्रमुख मठों से संत-महात्मा और श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर महंत लहरनाथ, महंत शेरनाथ, महंत राजनाथ, महंत हरीनाथ, महंत पूर्णनाथ, महंत जिताईनाथ, महंत कृष्णनाथ, महंत समुंदरनाथ, महंत अर्जुननाथ, महंत चताईनाथ, महंत खुशीनाथ, महंत तेजनाथ, महंत बालकनाथ कैलरम, महंत गंगानाथ, महंत मोतीनाथ, महंत भोजनाथ, महंत सोमवारनाथ, सुरेंद्रनाथ सहित हजारों की संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। सिद्ध महंत मुकुटनाथ मठ की ओर से गांव में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
आठ मठों के महंतों का किया गया विशेष सम्मान
सिद्ध बाबा मुकुटनाथ की तपोस्थली पर आठों मठों के महंतों का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें मठ की ओर से एक लाख 1100 रुपये, घी का टीन, सोने की अंगूठी, चादर और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। वहीं अन्य महंतों को भी 51 हजार और 21 हजार रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया।
ग्रामीणों संदीप, विक्रम और मुकेश ने बताया कि महंतों का सम्मान उनके पद और परंपरा के अनुसार किया गया। उनका कहना है कि यह गांव सदैव संत-महात्माओं के सम्मान की परंपरा निभाता आया है और ग्रामीणों की भावना है कि संतों से लिया नहीं जाता, बल्कि उन्हें दिया जाता है।