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हक की आवाज उठाना युवाओं का सांविधानिक अधिकार : हरपाल ढुल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:25 PM IST
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Raising one's voice for one's rights is the constitutional right of the youth: Harpal Dhul
राजौंद। अंतरराष्ट्रीय ढुल खाप के प्रधान चौधरी हरपाल सिंह ढुल ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में युवाओं को अपने हकों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करने का पूर्ण सांविधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या के खिलाफ और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग के लिए अहिंसात्मक तरीके से आवाज उठाता है, तो सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अक्सर सरकार युवाओं की बात सुनने के बजाय उनके उग्र होने का इंतजार करती है, जो उचित नहीं है। सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर ईमानदारी से यह समझना चाहिए कि युवा क्या मांग कर रहे हैं और उनसे तुरंत संवाद स्थापित करना चाहिए, क्योंकि यह उसकी जिम्मेदारी है। चौधरी हरपाल ढुल ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को इसी उद्देश्य के लिए चुना है कि वे उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने यह भी कहा कि आज समाज के हर वर्ग को समझने की जरूरत है, क्योंकि यही देश का भविष्य हैं और आने वाले समय में देश की बागडोर इनके हाथों में होगी।
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