{"_id":"6a6e3aa13bdb12291203cfba","slug":"relief-for-rice-millers-deposit-rice-by-september-30-kaithal-news-c-245-1-kht1013-153123-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: राइस मिलरों को राहत, 30 सितंबर तक जमा करें चावल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: राइस मिलरों को राहत, 30 सितंबर तक जमा करें चावल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। कस्टम मिल्ड राइस सरकारी खरीद एजेंसियों को न लौटाने वाले राइस मिलरों को सरकार ने राहत दी है। मिलरों पर बकाया करीब 9.50 करोड़ रुपये के चावल की रिकवरी के लिए सरकार ने डिलीवरी की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। अब डिफाल्टर और बकाया श्रेणी के राइस मिलर आगामी 30 सितंबर तक सरकार का चावल लौटा सकेंगे।
इससे पहले सरकार की ओर से इसके लिए 30 जून की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन तय समय सीमा के भीतर सभी मिलर सरकारी चावल गोदामों में जमा करवाने में पूरी तरह नाकाम रहे थे। सीमा समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य व आपूर्ति विभाग सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों ने कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
अब लापरवाही हुई तो होगी कानूनी कार्रवाई : डीएफएससी वरिंद्र कुमार ने बताया कि 30 सितंबर की यह समय सीमा लगभग अंतिम है।
यदि इस अवधि के भीतर भी मिलरों ने बकाया चावल सरकारी गोदामों में डिलीवर नहीं किया, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऐसे मिलरों को न केवल ब्लैकलिस्ट किया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले सरकार की ओर से इसके लिए 30 जून की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन तय समय सीमा के भीतर सभी मिलर सरकारी चावल गोदामों में जमा करवाने में पूरी तरह नाकाम रहे थे। सीमा समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य व आपूर्ति विभाग सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों ने कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
विज्ञापन
अब लापरवाही हुई तो होगी कानूनी कार्रवाई : डीएफएससी वरिंद्र कुमार ने बताया कि 30 सितंबर की यह समय सीमा लगभग अंतिम है।
यदि इस अवधि के भीतर भी मिलरों ने बकाया चावल सरकारी गोदामों में डिलीवर नहीं किया, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऐसे मिलरों को न केवल ब्लैकलिस्ट किया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
विज्ञापन