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Kaithal News: गैस के बढ़े दामों से बिगड़ा जायका चाय-नाश्ता, ढाबों का खाना महंगा

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 03 May 2026 12:19 AM IST
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Rising gas prices have spoiled the taste of tea, breakfast and dhaba food.
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। वाणिज्यिक गैस सिलिंडर के दामों में 993 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब इसका नया रेट 3125 है। इन बढ़े दामों से चाय-नाश्ते के साथ ढाबों का खाना भी महंगा हो गया है। वहीं छोटे दुकानदारों के लिए इस्तेमाल होने वाला 5 किग्रा का छोटू सिलिंडर भी 261 रुपये महंगा होकर 824.50 रुपये का हो गया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर आमजन की जेब और रोजमर्रा के खाने-पीने पर दिखने लगा है।

रेहड़ी-पटरी और छोटे ढाबों पर मिलने वाली चाय, जो पहले 10 रुपये में मिलती थी, अब 15 रुपये में बिक रही है। समोसा 15 से बढ़कर 18 रुपये का हो गया है।

गैस कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते अब बड़े होटल और ढाबा संचालक भी दबाव में हैं। विक्रेताओं का कहना है कि मिठाइयों के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई है। आशंका जताई जा रही है कि जल्द 10 से 15 प्रतिशत तक दम बढ़ जाएंगे। ढाबा संचालकों के अनुसार, सिलिंडर के दाम बढ़ने से उनका मासिक बजट प्रभावित हो गया है। उनका कहना है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो उन्हें भी रेट बढ़ाने पड़ सकते हैं।
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लोगों ने जताई परेशानी
खर्च संभालना मुश्किल हो रहा

गैस सिलिंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। पहले जितने खर्च में काम चल जाता था, अब काम चलाना संभव नहीं रहा। हर दिन बढ़ती लागत के कारण ढाबा चलाना चुनौती बनता जा रहा है। -राजेश कुमार

घर के बजट पर पड़ेगा असर

महंगी सब्जियों और अन्य सामान से परेशान हूं, और अब बाहर खाना भी महंगा हो गया है। इससे घर का बजट बिगड़ रहा है। पहले कभी-कभार बाहर खाना आसान था, लेकिन अब सोच-समझकर खर्च करना पड़ रहा है।

-सतनाम

30-40 रुपये में पेट भर जाता

मैं दिनभर मेहनत करके जो कमाई करता हूं, उसमें खाना भी मुश्किल हो गया है। अब तक 30-40 रुपये में पेट भर जाता था, लेकिन अब आधा खाना भी नहीं मिलता। बढ़ती महंगाई ने रोजमर्रा की जिंदगी को काफी कठिन बना दिया है। -विपिन

पीएनजी कनेक्शन की मांग में बढ़ोतरी

एलपीजी सिलिंडर की बढ़ती कीमतों के चलते लोग अब विकल्प के रूप में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर रुख कर रहे हैं। पीएनजी आईजीएल के मैनेजर नीरज के अनुसार, पहले जहां प्रति माह औसतन 300 आवेदन आते थे, अब यह संख्या बढ़कर करीब 1000 आवेदन प्रति माह हो गई है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल लगभग एक सप्ताह की वेटिंग चल रही है। पीएनजी को लोग न केवल सस्ता विकल्प मान रहे हैं, बल्कि इसमें बुकिंग और डिलीवरी की झंझट भी नहीं है।

रेट बढ़ाने का एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने किया विरोध

ढांड। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक ढांड स्थित कार्यालय में जिला सचिव कामरेड राजकुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिलिंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया गया। कामरेड राजकुमार ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इससे गरीब और मजदूर वर्ग प्रभावित होगा। ढाबों, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ेगी और आमजन की जेब पर असर पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं। संवाद
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