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Kaithal News: तहसीलदारों की हड़ताल से रजिस्ट्री पर लगा ब्रेक

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 06 Feb 2026 02:27 AM IST
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Tehsildars' strike puts brake on registry
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले की सभी तहसीलों और उप-तहसीलों में बुधवार को कामकाज पूरी तरह ठप रहा। नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों की पेन डाउन हड़ताल के चलते रजिस्ट्री सहित सभी राजस्व कार्य प्रभावित हुए। हड़ताल का सबसे सीधा असर संपत्ति रजिस्ट्रियों पर पड़ा और बुधवार को जिले में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।

मुख्यालय समेत जिलेभर की तहसीलों में लोग हाथों में रजिस्ट्री के कागजात और स्टांप पेपर लेकर भटकते नजर आए। यह हड़ताल प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में दो तहसीलदारों को निलंबित किए जाने के विरोध में की गई। सामान्य दिनों में जिले में रोजाना औसतन 120 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं, लेकिन हड़ताल के चलते सभी पर ब्रेक लग गया। एक दिन की हड़ताल से सरकार को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क के रूप में करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
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रजिस्ट्री के साथ-साथ जमीन के इंतकाल, दस्तावेज सत्यापन और अन्य राजस्व कार्यों पर भी असर पड़ा। तहसीलदारों के हस्ताक्षर न होने के कारण कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ सकी। तहसीलदार रविंद्र हुड्डा ने बताया कि दो तहसीलदारों के निलंबन के विरोध में पेन डाउन हड़ताल रखी गई है। आगे एसोसिएशन के निर्देशों के अनुसार आगामी रणनीति तय की जाएगी।

हलफनामे तक नहीं बने, टोकन लेकर लौटे लोग ः तहसील परिसरों में न केवल रजिस्ट्रियां रुकी रहीं, बल्कि हलफनामे तक नहीं बन सके। छात्र-छात्राएं और युवा, जो छात्रवृत्ति, नौकरी या अन्य जरूरी कार्यों के लिए एफिडेविट बनवाने पहुंचे थे, उन्हें भी बैरंग लौटना पड़ा। टोकन सिस्टम होने के बावजूद काम नहीं हो सका। जिले में चार तहसीलें—कैथल, गुहला, कलायत और पूंडरी—और तीन उप-तहसीलें—राजौंद, ढांड और सीवन—हैं। सभी जगहों पर कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
ये बोले लोग
लक्की (निवासी, गांव बड़ोत) ने बताया कि वे प्रॉपर्टी के कागजात में नाम बदलवाने के लिए तहसील आए थे, लेकिन यहां आकर पता चला कि तहसीलदार हड़ताल पर हैं। इससे पहले भी वे दो बार तहसील आ चुके हैं, तब पटवारियों की हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका था।

मनीष (निवासी, सीवन) ने बताया कि वे दूर से जरूरी दस्तावेज पर तहसीलदार के हस्ताक्षर करवाने आए थे, लेकिन हड़ताल के चलते वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हड़तालों का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर ही पड़ता है।

पहले पटवारी, अब तहसीलदार हड़ताल पर

बुधवार से पहले जिले के पटवारी भी तीन दिन की हड़ताल पर रहे थे। उस दौरान केवल उन्हीं लोगों की रजिस्ट्रियां हो पाई थीं, जिनके टोकन पहले से लगे थे। फरद, इंतकाल नकल, जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। अब एक दिन की तहसीलदारों की हड़ताल से समस्या और बढ़ गई है। इस सप्ताह केवल शुक्रवार को ही तहसील में काम होने की संभावना है, इसके बाद शनिवार और रविवार का अवकाश रहेगा।
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