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कृतज्ञता की भावना सनातनियों की सबसे बड़ी विशेषता : योगी आदित्यनाथ
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को सोंगल गांव स्थित सिद्ध बाबा मुकुटनाथ की पावन तपोस्थली पर पहुंचे। यहां पहुंचने पर संत-महात्माओं और ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सिद्ध बाबा की धूनी पर माथा टेककर आशीर्वाद लिया और आठ मान के भंडारे में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृतज्ञता की भावना सनातनियों की सबसे बड़ी विशेषता है। सनातन परंपरा में गुरु, संत और समाज के प्रति सम्मान तथा आभार की भावना सदैव सर्वोपरि रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले धूनी स्थल पर पूजन कर परिक्रमा की और संत परंपरा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने मंच से अपने संबोधन के उपरांत सोंगल गांव की सिद्ध मुकुटनाथ पीठ के महंत पीर शेरनाथ को पीठासीन कर चादर ओढ़ाने की रस्म अदा की। इस दौरान पूरे गांव की ओर से महंत पीर शेरनाथ को 41 लाख रुपये और चादर भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री सहित आठ सिद्ध पीठों से आए महंतों ने भी उन्हें नकद राशि और चादर भेंट कर सम्मान की परंपरा निभाई।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव में स्थित मठ में पहुंचे, जहां उन्होंने समाधि में लीन 17 संतों को नमन किया। उन्होंने महंत पीर शेरनाथ को महंत बनाने की विधिवत लिखित प्रक्रिया में भी भाग लिया। इस अवसर पर सोंगल गांव में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से श्रद्धालु सिद्ध बाबा मुकुटनाथ की तपोस्थली पर पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसी मौके पर पीर शेरनाथ को महंत की उपाधि प्रदान की गई, जिस पर संत समाज और श्रद्धालुओं ने उन्हें बधाई दी।
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कैथल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को सोंगल गांव स्थित सिद्ध बाबा मुकुटनाथ की पावन तपोस्थली पर पहुंचे। यहां पहुंचने पर संत-महात्माओं और ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सिद्ध बाबा की धूनी पर माथा टेककर आशीर्वाद लिया और आठ मान के भंडारे में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृतज्ञता की भावना सनातनियों की सबसे बड़ी विशेषता है। सनातन परंपरा में गुरु, संत और समाज के प्रति सम्मान तथा आभार की भावना सदैव सर्वोपरि रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले धूनी स्थल पर पूजन कर परिक्रमा की और संत परंपरा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने मंच से अपने संबोधन के उपरांत सोंगल गांव की सिद्ध मुकुटनाथ पीठ के महंत पीर शेरनाथ को पीठासीन कर चादर ओढ़ाने की रस्म अदा की। इस दौरान पूरे गांव की ओर से महंत पीर शेरनाथ को 41 लाख रुपये और चादर भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री सहित आठ सिद्ध पीठों से आए महंतों ने भी उन्हें नकद राशि और चादर भेंट कर सम्मान की परंपरा निभाई।
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कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव में स्थित मठ में पहुंचे, जहां उन्होंने समाधि में लीन 17 संतों को नमन किया। उन्होंने महंत पीर शेरनाथ को महंत बनाने की विधिवत लिखित प्रक्रिया में भी भाग लिया। इस अवसर पर सोंगल गांव में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से श्रद्धालु सिद्ध बाबा मुकुटनाथ की तपोस्थली पर पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसी मौके पर पीर शेरनाथ को महंत की उपाधि प्रदान की गई, जिस पर संत समाज और श्रद्धालुओं ने उन्हें बधाई दी।