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Kaithal News: आज से ऑनरूट होंगी तीन नई एएलएस एंबुलेंस, गंभीर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:24 AM IST
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Three new ALS ambulances to hit the road today; critically ill patients to get major relief.
अस्पताल में आई हुई नई एंबुलेंस। संवाद
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस पासिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार से ऑनरूट होकर मरीजों को सेवाएं देंगी। करीब 10 दिन से नई एंबुलेंस सिविल अस्पताल परिसर में खड़ी थीं। इनके शुरू होने से गंभीर मरीजों को हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में भी बेहतर उपचार मिल सकेगा।
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नई एएलएस एंबुलेंस अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस हैं और इन्हें चलते-फिरते अस्पताल के रूप में तैयार किया गया है। इनमें वेंटिलेटर, मल्टी पैरामीटर मॉनीटर, सीरिंज इन्फ्यूजन पंप, नेब्युलाइजर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम, सीपीआर सिस्टम और तीन प्रकार के स्ट्रेचर उपलब्ध हैं। प्रत्येक एंबुलेंस में प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) भी तैनात रहेगा, जो मरीज की हालत पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यक उपचार देगा।
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अब तक जिले के पास एक भी वास्तविक एएलएस एंबुलेंस नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग ने एक बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस को संशोधित कर एएलएस के रूप में उपयोग किया था लेकिन उसमें सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में एक साथ तीन नई एएलएस एंबुलेंस मिलने से जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी मजबूती मिली है।
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आठ बीएलएस एंबुलेंस जर्जर होने की स्थिति में
तीन नई एएलएस एंबुलेंस मिलने से विभाग के बेड़े को मजबूती मिली है लेकिन आठ बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस अपनी निर्धारित समय और किलोमीटर सीमा पूरी कर चुकी हैं। नियमानुसार इन्हें जर्जर घोषित किया जाना चाहिए लेकिन नई एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण मरम्मत कर इनका संचालन किया जा रहा है। जिले के अस्पतालों और मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को कम से कम 22 एंबुलेंस की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में तीन नई एएलएस एंबुलेंस सहित केवल 20 एंबुलेंस उपलब्ध हैं। इनमें आठ पुरानी बीएलएस एंबुलेंस जर्जर श्रेणी में हैं। इसके अलावा नौ पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस (पीटीए) भी संचालित हैं जिनकी उपयोग अवधि भी समाप्ति की ओर है। विभाग ने 10 नई बीएलएस एंबुलेंस की मांग मुख्यालय को भेज रखी है।
गंभीर मरीजों के लिए लाइफ सपोर्ट का करेंगी काम
एंबुलेंस बेड़े के प्रबंधक सुभाष कुमार ने बताया कि जिले में एएलएस एंबुलेंस की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। इन एंबुलेंस में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए लगभग सभी जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं। मरीज को हायर सेंटर रेफर करते समय रास्ते में भी इलाज जारी रखा जा सकेगा जिससे आपात स्थिति में मरीज की जान बचाने में काफी मदद मिलेगी।

जिले को अब तीन एंबुलेंस मिल गई हैं। ये अब रूट पर उतरते ही मरीजों के लिए फायदेमंद रहेंगी। एंबुलेंस की मांग पहले ही मुख्यालय को भेजी थी। इसके बाद ये एंबुलेंस कैथल को मिली हैं।
- डॉ. रेणु चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल

अस्पताल में आई हुई नई एंबुलेंस। संवाद

अस्पताल में आई हुई नई एंबुलेंस। संवाद

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