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2018 में 10 करोड़ शादी कार्ड छपे थे, सोचिए कितने पेड़ों की बलि चढ़ी : राव नरबीर

Fri, 31 Jul 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 31 Jul 2026 01:41 AM IST
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100 million wedding cards were printed in 2018; just imagine how many trees were sacrificed: Rao Narbir.
करनाल/घरौंडा। प्रदेश के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने लोगों से शादी व खुशी के मौके पर कार्ड छपवाना बंद करने की अपील की। उन्होंने बदलती जीवनशैली का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2018 में एक सर्वे के अनुसार, देश में लगभग 10 करोड़ शादी के कार्ड छपे थे। सोचिए, इन्हें बनाने के लिए कितने पेड़ों की कटाई हुई होगी। वर्ष 2026 में यह संख्या और भी बढ़ चुकी है। पेड़ों और पर्यावरण को बचाने के लिए इसे बंद करना आज की जरूरत है।
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वन मंत्री कुटेल में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शादी के निमंत्रण के साथ भेजे जाने वाले भारी-भरकम गिफ्ट बॉक्स और कागज का अत्याधिक उपयोग पर्यावरण पर अतिरिक्त बोझ डालता है। आज जब हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल फोन है और हम अन्य शुभकामनाएं व संवेदनाएं डिजिटल माध्यम से भेज सकते हैं तो विवाह के निमंत्रण भी डिजिटल माध्यम से भेजने की आदत विकसित करनी चाहिए। इससे बड़ी मात्रा में कागज की बचत होगी और पेड़ों की कटाई भी कम होगी। पुराने समय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब शगुन के पीले चावल देकर निमंत्रण दिया जाता था, बाद में कार्ड का चलन आया। अब जमाना डिजिटल हो गया है।
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गुरुग्राम की तर्ज पर विकसित हो रहा करनाल
मंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के स्थापित होने से घरौंडा क्षेत्र विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वर्षों पहले गुरुग्राम में उद्योगों के आने से वहां की तस्वीर बदल गई थी, उसी प्रकार यह मेडिकल यूनिवर्सिटी भी करनाल और आसपास के क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी, रोजगार बढ़ेगा। वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पीएम एक पेड़ कहते हैं और मैं दो इसलिए कह रहा हूं क्योंकि हिंदू परिवारों में निधन पर संस्कार के लिए एक पेड़ की जरूरत पड़ती है। इसलिए एक पेड़ अपने और एक अगली पीढ़ी के लिए लगाएं।
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