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Karnal News: जनगणना आज से... घर, वाहन, पेयजल स्रोत और परिवार से जुड़े पूछे जाएंगे 33 सवाल
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लघु सचिवालय के सभागार में बैठक को संबोधित करते एडीसी डा. राहुल रईया। सूचना विभाग
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जनगणना का कार्य शुक्रवार से शुरू होगा। इस दौरान 3811 सरकारी कर्मचारी 30 मई तक जिले के हर घर पर दस्तक देंगे। इस दौरान वे लोगों से घर, वाहन, पेयजल स्रोत और परिवार से जुड़े 33 सवाल पूछेंगे। जनगणना के नोडल अधिकारी एडीसी डॉ. राहुल रईया ने लोगों से नवीन व सटीक जानकारी देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि जानकारी गोपनीय रहेगी। आधार, पैन, बैंक खाता या ओटीपी नहीं लिया जाएगा। नागरिकों से कहा कि जानकारी देने से पहले संबंधित अधिकारी का परिचय पत्र अवश्य जांच लें। वहीं अप्रैल माह में हुए स्वगणना में 28293 लोगों ने सहभागिता की, लक्ष्य के 92.34 फीसदी प्राप्ति से करनाल प्रदेश में दूसरे पायदान पर है। जिन लोगों ने स्वगणना की है, उनके घर पर टीम के पहुंचने पर उन्हें केवल अपना प्रमाणपत्र ही दिखाना है।
वीरवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते हुए एडीसी डॉ राहुल रईया ने कहा कि प्रशासन द्वारा अधिकृत प्रगणक घर-घर पहुंचकर नागरिकों से हाउस लिस्टिंग की आवश्यक सामान्य जानकारी प्राप्त करेंगे। अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी क्षेत्र या मकान छूटना नहीं चाहिए। यह कार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए। पहले दिन से ही इसकी निगरानी की जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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0184—2265386 पर करें संपर्क
लोग किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला सांख्यिकी अधिकारी कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में 0184—2265386 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को हीट स्टॉक या किसी भी अन्य प्रकार की दिक्कत होने पर प्राथमिकता के आधार पर उनका इलाज सुनिश्चित किया जाए।
असहयोग पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
एडीसी ने कहा कि जनगणना के आधार पर देश के विकास की नीतियां और संसाधनों का वितरण तय होता है। जनगणना कार्य में लगे अधिकारी/कर्मचारी अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी से करें। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लापरवाही बरतने वालो पर सेंसेस एक्ट 1948 के तहत एफआईआर तक दर्ज करवाई जाएगी।
पूछे जाएंगे 33 सवाल
भवन नंबर या जनगणना नंबर, मकान नंबर, मकान के फर्श में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री, (यानी कि फर्श सीमेंट का है, ग्रेनाइट है, मार्बल है), मकान की दीवार में इस्तेमाल सामग्री, मकान की छत में इस्तेमाल सामग्री, मकान का इस्तेमाल, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, जाति, (सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी), मकान के स्वामित्व की स्थिति, मकान में कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का सोर्स, पेयजल की उपलब्धता, बिजली का सोर्स, शौचालय की उपलब्धत, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, खाना पकाने का मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर / टीवी, इंटरनेट की सुविधा, लैपटॉप /कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्ट फोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल, कार/जीप/वैन, मुख्य अनाज तथा मोबाइल नंबर।
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करनाल। जनगणना का कार्य शुक्रवार से शुरू होगा। इस दौरान 3811 सरकारी कर्मचारी 30 मई तक जिले के हर घर पर दस्तक देंगे। इस दौरान वे लोगों से घर, वाहन, पेयजल स्रोत और परिवार से जुड़े 33 सवाल पूछेंगे। जनगणना के नोडल अधिकारी एडीसी डॉ. राहुल रईया ने लोगों से नवीन व सटीक जानकारी देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि जानकारी गोपनीय रहेगी। आधार, पैन, बैंक खाता या ओटीपी नहीं लिया जाएगा। नागरिकों से कहा कि जानकारी देने से पहले संबंधित अधिकारी का परिचय पत्र अवश्य जांच लें। वहीं अप्रैल माह में हुए स्वगणना में 28293 लोगों ने सहभागिता की, लक्ष्य के 92.34 फीसदी प्राप्ति से करनाल प्रदेश में दूसरे पायदान पर है। जिन लोगों ने स्वगणना की है, उनके घर पर टीम के पहुंचने पर उन्हें केवल अपना प्रमाणपत्र ही दिखाना है।
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वीरवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते हुए एडीसी डॉ राहुल रईया ने कहा कि प्रशासन द्वारा अधिकृत प्रगणक घर-घर पहुंचकर नागरिकों से हाउस लिस्टिंग की आवश्यक सामान्य जानकारी प्राप्त करेंगे। अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी क्षेत्र या मकान छूटना नहीं चाहिए। यह कार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए। पहले दिन से ही इसकी निगरानी की जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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0184—2265386 पर करें संपर्क
लोग किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला सांख्यिकी अधिकारी कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में 0184—2265386 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को हीट स्टॉक या किसी भी अन्य प्रकार की दिक्कत होने पर प्राथमिकता के आधार पर उनका इलाज सुनिश्चित किया जाए।
असहयोग पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
एडीसी ने कहा कि जनगणना के आधार पर देश के विकास की नीतियां और संसाधनों का वितरण तय होता है। जनगणना कार्य में लगे अधिकारी/कर्मचारी अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी से करें। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लापरवाही बरतने वालो पर सेंसेस एक्ट 1948 के तहत एफआईआर तक दर्ज करवाई जाएगी।
पूछे जाएंगे 33 सवाल
भवन नंबर या जनगणना नंबर, मकान नंबर, मकान के फर्श में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री, (यानी कि फर्श सीमेंट का है, ग्रेनाइट है, मार्बल है), मकान की दीवार में इस्तेमाल सामग्री, मकान की छत में इस्तेमाल सामग्री, मकान का इस्तेमाल, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, जाति, (सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी), मकान के स्वामित्व की स्थिति, मकान में कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का सोर्स, पेयजल की उपलब्धता, बिजली का सोर्स, शौचालय की उपलब्धत, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, खाना पकाने का मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर / टीवी, इंटरनेट की सुविधा, लैपटॉप /कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्ट फोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल, कार/जीप/वैन, मुख्य अनाज तथा मोबाइल नंबर।