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Karnal News: प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास, बचाव के साथ दे सकती हैं तीखा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 31 Mar 2026 02:36 AM IST
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजीता कार्यक्रम में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर बताते मा
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गुरु नानक खालसा महाविद्यालय में सोमवार को अमर उजाला की 100 मिलियन्स स्माइल्स मुहिम के तहत अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मार्शल आर्ट विशेषज्ञ सतीश कुमार राणा व उनकी टीम ने छात्राओं को ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट की बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। आर्मी लॉक, हैंड लॉक और नैक लॉक जैसी तकनीक से बचाव के तरीके सिखाए गए। छात्राओं ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। मुश्किल स्थिति में अपना बचाव कर सकेंगी और तीखा जवाब भी दे पाएंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ चूहड़ सिंह ने की। प्रशिक्षक सतीश ने बताया कि अगर राह चलते कोई छेड़खानी या पकड़ने लगे तो घबराने की जगह दिमाग को स्थिर कर उसके हाथों को तकनीकों के जरिये लॉक करें। बचाव के साथ दुश्मन पर हमला भी होगा। उन्होंने हाथ पकड़ने पर छुड़ाने की तकनीक, पीछे से पकड़ने की स्थिति में बचाव, बाल पकड़ने पर प्रतिक्रिया, बैग या दुपट्टे के सहारे बचाव, कमजोर हिस्सों पर प्रहार करने की सही तकनीक और गिरने और उठने का सुरक्षित तरीका सिखाया।
मंच संचालन महिला सेल प्रभारी डाॅ. अंजू चौधरी ने किया। डाॅ. प्रीति पंवार, डाॅ. सोनिया, डाॅ. अमरजीत कौर, डाॅ. बलजीत कौर, डाॅ. भावना शर्मा, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. अनमोल काैर, प्रो. प्रियंका और प्रो. नीरज मौजूद रहीं।
सीखे बचाव के तरीके
छात्रा हर्षित ने बताया कि प्रशिक्षण में पता चला कि स्वयं का सुरक्षा किस तरह से की जा सकती है। सामने अगर बलशाली व्यक्ति भी है तो अपने दिमाग को स्थिर कर और बिना डरे तकनीकों के जरिये आत्मसुरक्षा की जा सकती है।
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आसान हैं तकनीकें
छात्रा यशिका ने बताया कि अगर कभी कोई ऐसी स्थिति है तो विभिन्न तरह की तकनीकों आसानी से उपयोग कर सकेंगे। पहले नहीं पता था लेकिन अब हैंड लाॅक, नैक लाॅक और आर्मी लॉक जैसी तकनीकों से बचाव किया जा सकता है।
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बढ़ा है आत्मविश्वास
छात्रा नवदीप काैर ने बताया कि पहले कभी आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण नहीं लिया लेकिन अपराजिता कार्यक्रम में स्वयं तकनीकों को करके देखा। आत्मसुरक्षा की इन तकनीकों के प्रशिक्षण से आत्मविश्वास भी बढ़ा है।।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ चूहड़ सिंह ने की। प्रशिक्षक सतीश ने बताया कि अगर राह चलते कोई छेड़खानी या पकड़ने लगे तो घबराने की जगह दिमाग को स्थिर कर उसके हाथों को तकनीकों के जरिये लॉक करें। बचाव के साथ दुश्मन पर हमला भी होगा। उन्होंने हाथ पकड़ने पर छुड़ाने की तकनीक, पीछे से पकड़ने की स्थिति में बचाव, बाल पकड़ने पर प्रतिक्रिया, बैग या दुपट्टे के सहारे बचाव, कमजोर हिस्सों पर प्रहार करने की सही तकनीक और गिरने और उठने का सुरक्षित तरीका सिखाया।
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मंच संचालन महिला सेल प्रभारी डाॅ. अंजू चौधरी ने किया। डाॅ. प्रीति पंवार, डाॅ. सोनिया, डाॅ. अमरजीत कौर, डाॅ. बलजीत कौर, डाॅ. भावना शर्मा, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. अनमोल काैर, प्रो. प्रियंका और प्रो. नीरज मौजूद रहीं।
सीखे बचाव के तरीके
छात्रा हर्षित ने बताया कि प्रशिक्षण में पता चला कि स्वयं का सुरक्षा किस तरह से की जा सकती है। सामने अगर बलशाली व्यक्ति भी है तो अपने दिमाग को स्थिर कर और बिना डरे तकनीकों के जरिये आत्मसुरक्षा की जा सकती है।
आसान हैं तकनीकें
छात्रा यशिका ने बताया कि अगर कभी कोई ऐसी स्थिति है तो विभिन्न तरह की तकनीकों आसानी से उपयोग कर सकेंगे। पहले नहीं पता था लेकिन अब हैंड लाॅक, नैक लाॅक और आर्मी लॉक जैसी तकनीकों से बचाव किया जा सकता है।
बढ़ा है आत्मविश्वास
छात्रा नवदीप काैर ने बताया कि पहले कभी आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण नहीं लिया लेकिन अपराजिता कार्यक्रम में स्वयं तकनीकों को करके देखा। आत्मसुरक्षा की इन तकनीकों के प्रशिक्षण से आत्मविश्वास भी बढ़ा है।।