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Karnal News: सफाईकर्मियों के समर्थन में आए निगम कर्मचारी, निगम में भटके लोग
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नगर निगम में खाली पड़े काउंटर और बरामदा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सफाई कर्मचारियों के समर्थन में नगर निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर अधीक्षक तक के अधिकारियों ने भी कामकाज बंद रखा। सफाई कर्मचारियों के आग्रह पर उनकी यूनिट से जुड़े कर्मचारियों ने सबसे पहले कामकाज छोड़ा, इसके बाद पब्लिक डिलिंग संबंधित अन्य यूनिटों के कर्मचारी हड़ताल पर गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से नगर निगम में काम के लिए आने वाले लोग पूरे दिन भटकते नजर आए। बुधवार को कर्मचारी काम संभालेंगे या नहीं, इस पर अभी संशय है।
कोई पानी-सीवरेज का बिल नहीं जमा करा पाया तो किसी का जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र व विवाह पंजीकरण संबंधित कार्य अटक गया। इसके अलावा कुछ लोग प्रॉपर्टी आईडी व संपत्ति कर, किराया संबंधित कार्य नहीं करा पाए। कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर आमजन पर पड़ा। नगर निगम में शहर के 20 वार्डों के विकास कार्य और अन्य जनसमस्याओं व निजी कार्यों को लेकर रोजाना करीब 1500 लोग पहुंचते हैं।
हालात यह रहे कि दोपहर तक किसी भी कमरे या सीट पर कोई भी कर्मचारी व अधिकारी नहीं मिला। बाहर से लोगों भी इधर-उधर भटकते नजर आए आए। वे एक दूसरे से पूछते नजर आए कि आज कार्यालय में छुट्टी जैसा माहौल क्यों हैं। बाद में उन्हें हड़ताल का पता चला तो मायूस होकर लौट गए।
स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले निगम कार्यालय में दिखी गंदगी
शहर को स्वच्छ बनाने और सभी को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले खुद निगम के कार्यालय में ही गंदगी पसरने लगी है। कॉरिडोर के अलावा बरामदे में भी कचरे के ढेर लगे दिखाई दिए। हवा के साथ धूल के गुबार व कचरे के ढेर में पड़े कागज उड़ते नजर आए।
कौशल के कर्मचारियों ने दिया हड़ताल को समर्थन
नगर निगम में करीब 120 कर्मचारी कौशल के तहत लगे हुए हैं, ये सभी कर्मचारी पब्लिक डीलिंग संबंधित कार्य करते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि सरकार के गठन के बाद प्रदेश के करीब 1.20 लाख कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी दी गई थी। इनमें निगम के कर्मचारी भी शामिल थे लेकिन बाद में सभी को कौशल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कह दिया गया। इस पोर्टल पर निगम के कर्मचारियों का पंजीकरण नहीं हुआ, इससे उनमें निराशा है।
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लोगों की परेशानी
बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र संबंधित कार्य के लिए नगर निगम पहुंचे थे, सुबह कर्मचारियों ने कहा कि एक घंटे बाद आना फिर शाम तक कोई भी सीट पर नहीं मिला।
- अमित कुमार, उत्तम नगर
जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए पहुंचे थे अधिकारी सीट पर नहीं मिले। कर्मचारियों ने भी सुनवाई नहीं की। पहले भी तीन बार चक्कर काट चुके हैं। हड़ताल के कारण परेशान हैं।
- राजकुमार, फूसगढ़
संपत्ति आईडी में संशोधन कराना है, एक सप्ताह से चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को भी दिन में दो बार निगम कार्यालय आया लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिला।
- पाला राम, पाल नगर
मृत्यु प्रमाणपत्र संबंधित कार्य के लिए निगम कार्यालय में आया था लेकिन यहां पहुंचकर पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, ऐसे में बैठकर अधिकारी का इंतजार किया।
- रवि, जाटो गेट
लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी, दैनिक कार्यों के लिए आने वाले लोगों के कामकाज को लेकर व्यवस्था बना रहे हैं।
- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त नगर निगम
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करनाल। सफाई कर्मचारियों के समर्थन में नगर निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर अधीक्षक तक के अधिकारियों ने भी कामकाज बंद रखा। सफाई कर्मचारियों के आग्रह पर उनकी यूनिट से जुड़े कर्मचारियों ने सबसे पहले कामकाज छोड़ा, इसके बाद पब्लिक डिलिंग संबंधित अन्य यूनिटों के कर्मचारी हड़ताल पर गए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से नगर निगम में काम के लिए आने वाले लोग पूरे दिन भटकते नजर आए। बुधवार को कर्मचारी काम संभालेंगे या नहीं, इस पर अभी संशय है।
कोई पानी-सीवरेज का बिल नहीं जमा करा पाया तो किसी का जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र व विवाह पंजीकरण संबंधित कार्य अटक गया। इसके अलावा कुछ लोग प्रॉपर्टी आईडी व संपत्ति कर, किराया संबंधित कार्य नहीं करा पाए। कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर आमजन पर पड़ा। नगर निगम में शहर के 20 वार्डों के विकास कार्य और अन्य जनसमस्याओं व निजी कार्यों को लेकर रोजाना करीब 1500 लोग पहुंचते हैं।
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हालात यह रहे कि दोपहर तक किसी भी कमरे या सीट पर कोई भी कर्मचारी व अधिकारी नहीं मिला। बाहर से लोगों भी इधर-उधर भटकते नजर आए आए। वे एक दूसरे से पूछते नजर आए कि आज कार्यालय में छुट्टी जैसा माहौल क्यों हैं। बाद में उन्हें हड़ताल का पता चला तो मायूस होकर लौट गए।
स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले निगम कार्यालय में दिखी गंदगी
शहर को स्वच्छ बनाने और सभी को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले खुद निगम के कार्यालय में ही गंदगी पसरने लगी है। कॉरिडोर के अलावा बरामदे में भी कचरे के ढेर लगे दिखाई दिए। हवा के साथ धूल के गुबार व कचरे के ढेर में पड़े कागज उड़ते नजर आए।
कौशल के कर्मचारियों ने दिया हड़ताल को समर्थन
नगर निगम में करीब 120 कर्मचारी कौशल के तहत लगे हुए हैं, ये सभी कर्मचारी पब्लिक डीलिंग संबंधित कार्य करते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि सरकार के गठन के बाद प्रदेश के करीब 1.20 लाख कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी दी गई थी। इनमें निगम के कर्मचारी भी शामिल थे लेकिन बाद में सभी को कौशल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कह दिया गया। इस पोर्टल पर निगम के कर्मचारियों का पंजीकरण नहीं हुआ, इससे उनमें निराशा है।
लोगों की परेशानी
बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र संबंधित कार्य के लिए नगर निगम पहुंचे थे, सुबह कर्मचारियों ने कहा कि एक घंटे बाद आना फिर शाम तक कोई भी सीट पर नहीं मिला।
- अमित कुमार, उत्तम नगर
जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए पहुंचे थे अधिकारी सीट पर नहीं मिले। कर्मचारियों ने भी सुनवाई नहीं की। पहले भी तीन बार चक्कर काट चुके हैं। हड़ताल के कारण परेशान हैं।
- राजकुमार, फूसगढ़
संपत्ति आईडी में संशोधन कराना है, एक सप्ताह से चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को भी दिन में दो बार निगम कार्यालय आया लेकिन कोई कर्मचारी नहीं मिला।
- पाला राम, पाल नगर
मृत्यु प्रमाणपत्र संबंधित कार्य के लिए निगम कार्यालय में आया था लेकिन यहां पहुंचकर पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, ऐसे में बैठकर अधिकारी का इंतजार किया।
- रवि, जाटो गेट
लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी, दैनिक कार्यों के लिए आने वाले लोगों के कामकाज को लेकर व्यवस्था बना रहे हैं।
- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त नगर निगम