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Karnal News: खेल मैदान में रख दिए उपले, सड़क पर अभ्यास बना मजबूरी
Thu, 21 May 2026 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 21 May 2026 02:03 AM IST
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इंद्री बड़ा गांव में बने राजपूत सम्राट पृथ्वीराज चौहान स्टेडियम में उगी घास। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। बड़ा गांव में बने पृथ्वीराज चौहान स्टेडियम व स्मारक की हालत बदहाल है। गांव के खेल मैदान में उपले व बिटोड़े होने के कारण एथलीट सड़कों पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। मैदान में रेत-बजरी और निर्माण सामग्री के ढेर लगे होने से युवाओं को मजबूरी में घास के बीच अस्थायी पिच बनाकर क्रिकेट खेलना पड़ रहा है।
खिलाड़ियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए इस स्टेडियम में आज भी खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना रहता है। स्टेडियम परिसर के एक हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण में इस्तेमाल हो रही रेत-बजरी और अन्य सामग्री खेल मैदान में फैली हुई है, जिससे मैदान का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया है। दूसरी ओर कुछ लोगों द्वारा गोबर के उपले भी लगाए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हल्की बारिश में हो जाती है फिसलन
खिलाड़ियों ने बताया कि रनिंग ट्रैक पर निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में ट्रैक पर फिसलन हो जाती है। ऐसे में दौड़ का अभ्यास करना जोखिम भरा साबित होता है। वाॅलीबाॅल कोर्ट की भी समुचित व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ी अस्थायी लकड़ी के पोल व नेट लगाकर अभ्यास करने को मजबूर हैं। स्टेडियम में लाइट, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।
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खिलाड़ियों की परेशानी
खेल मैदान में अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ी शुभम और पुष्कर ने बताया कि मैदान का एथलेटिक्स ट्रैक समतल न होने से कई खिलाड़ियों को चोट लग चुकी हैं। एथलीट पिंकी ने बताया कि संजीव नामक कोच खिलाड़ियों को दौड़ का अभ्यास कराते हैं लेकिन ट्रैक की खराब होने पर खिलाड़ियों को सड़कों पर अभ्यास करना पड़ता है। स्टेडियम का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसे खेलने योग्य नहीं बनाया गया। बच्चों के लिए खेल उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं और मैदान में पड़ी निर्माण सामग्री हादसों को न्योता दे रही है।
निर्माण सामग्री हटाने की मांग
ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि मैदान से तुरंत निर्माण सामग्री हटाई जाए, पिच का समतलीकरण और रोलिंग कराकर सुरक्षित खेल सतह तैयार की जाए। साथ ही एथलीट ट्रैक की मरम्मत, निकासी व्यवस्था, लाइट, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्टेडियम के रखरखाव के लिए स्थायी निगरानी समिति व और बजट निर्धारित करने की भी मांग उठाई है।
वर्जन
बड़ा गांव के सरपंच अमित ने बताया कि स्टेडियम में फिलहाल निर्माण कार्य चल रहा है। पहले जो कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने आते थे, अब उनकी जगह नया कोच नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के लिए आई ग्रांट जिला परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि के माध्यम से आई थी, जिसकी विस्तृत जानकारी वही दे सकते हैं।
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बड़ा गांव में बना खेल मैदान खेल विभाग को हैंडओवर नहीं है, यह ग्राम पंचायत के अंडर आता है। इस खेल मैदान के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी भी ग्राम पंचायत की ही बनती है। यहां कोच भी ग्राम पंचायत की ओर से ही नियुक्त किए जाते हैं।
- सत्यवीर पोसवाल, जिला खेल अधिकारी, करनाल
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इंद्री। बड़ा गांव में बने पृथ्वीराज चौहान स्टेडियम व स्मारक की हालत बदहाल है। गांव के खेल मैदान में उपले व बिटोड़े होने के कारण एथलीट सड़कों पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। मैदान में रेत-बजरी और निर्माण सामग्री के ढेर लगे होने से युवाओं को मजबूरी में घास के बीच अस्थायी पिच बनाकर क्रिकेट खेलना पड़ रहा है।
खिलाड़ियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए इस स्टेडियम में आज भी खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना रहता है। स्टेडियम परिसर के एक हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण में इस्तेमाल हो रही रेत-बजरी और अन्य सामग्री खेल मैदान में फैली हुई है, जिससे मैदान का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया है। दूसरी ओर कुछ लोगों द्वारा गोबर के उपले भी लगाए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हल्की बारिश में हो जाती है फिसलन
खिलाड़ियों ने बताया कि रनिंग ट्रैक पर निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में ट्रैक पर फिसलन हो जाती है। ऐसे में दौड़ का अभ्यास करना जोखिम भरा साबित होता है। वाॅलीबाॅल कोर्ट की भी समुचित व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ी अस्थायी लकड़ी के पोल व नेट लगाकर अभ्यास करने को मजबूर हैं। स्टेडियम में लाइट, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।
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खिलाड़ियों की परेशानी
खेल मैदान में अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ी शुभम और पुष्कर ने बताया कि मैदान का एथलेटिक्स ट्रैक समतल न होने से कई खिलाड़ियों को चोट लग चुकी हैं। एथलीट पिंकी ने बताया कि संजीव नामक कोच खिलाड़ियों को दौड़ का अभ्यास कराते हैं लेकिन ट्रैक की खराब होने पर खिलाड़ियों को सड़कों पर अभ्यास करना पड़ता है। स्टेडियम का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसे खेलने योग्य नहीं बनाया गया। बच्चों के लिए खेल उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं और मैदान में पड़ी निर्माण सामग्री हादसों को न्योता दे रही है।
निर्माण सामग्री हटाने की मांग
ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि मैदान से तुरंत निर्माण सामग्री हटाई जाए, पिच का समतलीकरण और रोलिंग कराकर सुरक्षित खेल सतह तैयार की जाए। साथ ही एथलीट ट्रैक की मरम्मत, निकासी व्यवस्था, लाइट, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्टेडियम के रखरखाव के लिए स्थायी निगरानी समिति व और बजट निर्धारित करने की भी मांग उठाई है।
वर्जन
बड़ा गांव के सरपंच अमित ने बताया कि स्टेडियम में फिलहाल निर्माण कार्य चल रहा है। पहले जो कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने आते थे, अब उनकी जगह नया कोच नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के लिए आई ग्रांट जिला परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि के माध्यम से आई थी, जिसकी विस्तृत जानकारी वही दे सकते हैं।
बड़ा गांव में बना खेल मैदान खेल विभाग को हैंडओवर नहीं है, यह ग्राम पंचायत के अंडर आता है। इस खेल मैदान के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी भी ग्राम पंचायत की ही बनती है। यहां कोच भी ग्राम पंचायत की ओर से ही नियुक्त किए जाते हैं।
- सत्यवीर पोसवाल, जिला खेल अधिकारी, करनाल