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Karnal News: खेलों में जिले का नाम रोशन कर रहीं बेटिंयां
Mon, 18 May 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 18 May 2026 02:06 AM IST
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शिवाजी स्टेडियम।
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पानीपत। जिले की बेटियां आज खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। वॉलीबॉल, मुक्केबाजी, कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और कराटे जैसे विभिन्न खेलों में लड़कियां न केवल जिला और प्रदेश स्तर पर पदक जीत रही हैं बल्कि राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।
शिवाजी स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह और शाम लड़कियों की वॉलीबॉल टीम प्रशिक्षण लेने पहुंचती हैं। अनुशासन, फिटनेस और नियमित अभ्यास के दम पर जिले की महिला वॉलीबॉल, हैंडबॉल और खो-खो में टीम ने पिछले कुछ समय में अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं। जिले से अब तक दस से अधिक लड़कियां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। इनमें कई खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर भी पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित किया है।
कोच सन्नी, शीतल और गुलशन कुमार ने बताया कि पहले लड़कियों की खेलों में भागीदारी सीमित होती थी लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में बेटियां खेलों से जुड़ रही हैं। उनका लक्ष्य है कि आने वाले समय में जिले की अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचें।
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खो-खो खिलाड़ी शिवानी ने बताया कि खेल से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आत्मविश्वास बढ़ा, शारीरिक क्षमता में सुधार हुआ और आगे बढ़ने का नया लक्ष्य मिला है। हैंडबॉल खिलाड़ी सपना ने बताया कि कई खिलाड़ी पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी पूरी गंभीरता से ले रही हैं। उनका सपना है कि वे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाकर देश का प्रतिनिधित्व करें। वॉलीबॉल खिलाड़ी सोनिया ने बताया कि परिवार का सहयोग उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। पहले कुछ परिवार लड़कियों को खेलों में भेजने से हिचकिचाते थे लेकिन अब बेटियों की उपलब्धियों को देखकर अभिभावकों का उत्साह भी बढ़ा है। यही कारण है कि जिले के गांवों और शहरों से अधिक से अधिक लड़कियां खेलों से जुड़ रही हैं।
विभाग की ओर से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। जिले की बेटियों की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी।
-सत्यवीर पोसवाल, जिला खेल अधिकारी।
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शिवाजी स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह और शाम लड़कियों की वॉलीबॉल टीम प्रशिक्षण लेने पहुंचती हैं। अनुशासन, फिटनेस और नियमित अभ्यास के दम पर जिले की महिला वॉलीबॉल, हैंडबॉल और खो-खो में टीम ने पिछले कुछ समय में अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं। जिले से अब तक दस से अधिक लड़कियां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। इनमें कई खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर भी पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित किया है।
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कोच सन्नी, शीतल और गुलशन कुमार ने बताया कि पहले लड़कियों की खेलों में भागीदारी सीमित होती थी लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में बेटियां खेलों से जुड़ रही हैं। उनका लक्ष्य है कि आने वाले समय में जिले की अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचें।
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खो-खो खिलाड़ी शिवानी ने बताया कि खेल से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आत्मविश्वास बढ़ा, शारीरिक क्षमता में सुधार हुआ और आगे बढ़ने का नया लक्ष्य मिला है। हैंडबॉल खिलाड़ी सपना ने बताया कि कई खिलाड़ी पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी पूरी गंभीरता से ले रही हैं। उनका सपना है कि वे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाकर देश का प्रतिनिधित्व करें। वॉलीबॉल खिलाड़ी सोनिया ने बताया कि परिवार का सहयोग उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। पहले कुछ परिवार लड़कियों को खेलों में भेजने से हिचकिचाते थे लेकिन अब बेटियों की उपलब्धियों को देखकर अभिभावकों का उत्साह भी बढ़ा है। यही कारण है कि जिले के गांवों और शहरों से अधिक से अधिक लड़कियां खेलों से जुड़ रही हैं।
विभाग की ओर से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर दिए जाते हैं। जिले की बेटियों की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी।
-सत्यवीर पोसवाल, जिला खेल अधिकारी।

शिवाजी स्टेडियम।