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Karnal News: पोलियो से सुरक्षित घोषित हुआ जिला, निगरानी जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:56 AM IST
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करनाल।
तीन साल पहले ही पोलियो के हाई रिस्क सूची से जिला बाहर हो चुका है। इसके चलते पिछले तीन वर्षों से यहां विशेष पोलियो टीकाकरण कैंप नहीं लगाए जा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले को सुरक्षित घोषित किए जाने के बावजूद पोलियो को लेकर निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है।
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. अभय के अनुसार को वर्ष 2023 में पोलियो के हाई रिस्क जिलों की सूची से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद यहां विशेष पोलियो अभियान के तहत लगाए जाने वाले बूथ और घर-घर जाकर टीकाकरण के कैंप बंद कर दिए गए। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की पोलियो की रोकथाम के लिए सर्विलांस प्रणाली लगातार जारी है।
डॉ. अभय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले में लगातार निगरानी कर रही हैं। यदि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर बच्चों में पोलियो जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत उसकी जांच कराई जाती है। इसके लिए संदिग्ध मामलों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाते हैं, ताकि समय रहते किसी भी संभावित खतरे का पता लग सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था।
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तीन साल पहले ही पोलियो के हाई रिस्क सूची से जिला बाहर हो चुका है। इसके चलते पिछले तीन वर्षों से यहां विशेष पोलियो टीकाकरण कैंप नहीं लगाए जा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले को सुरक्षित घोषित किए जाने के बावजूद पोलियो को लेकर निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है।
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. अभय के अनुसार को वर्ष 2023 में पोलियो के हाई रिस्क जिलों की सूची से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद यहां विशेष पोलियो अभियान के तहत लगाए जाने वाले बूथ और घर-घर जाकर टीकाकरण के कैंप बंद कर दिए गए। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की पोलियो की रोकथाम के लिए सर्विलांस प्रणाली लगातार जारी है।
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डॉ. अभय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले में लगातार निगरानी कर रही हैं। यदि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर बच्चों में पोलियो जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत उसकी जांच कराई जाती है। इसके लिए संदिग्ध मामलों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाते हैं, ताकि समय रहते किसी भी संभावित खतरे का पता लग सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था।