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Karnal News: भगवान बुद्ध की जयंती पर आज करें दान
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 01 May 2026 01:38 AM IST
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पंडित षष्ठी वल्लब पांडे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शुक्रवार को वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान बुद्ध की जयंती मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात्रि 9:12 बजे से प्रारंभ होकर एक मई की रात्रि 10:52 बजे तक रहेगी, इसके चलते श्रद्धालु पूरे दिन पूजा, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेगे।
जीटी रोड स्थित कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित षष्ठी वल्लभ पांडे के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा से ग्रीष्म ऋतु का विधिवत शुभारंभ माना जाता है। इस दिन किए गए दान का विशेष महत्व होता है। उन्होंने बताया कि छाता, जूते-चप्पल और पानी से भरे घड़े का दान करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से प्याऊ लगाकर राहगीरों को ठंडा एवं मीठा पानी पिलाना अत्यंत पुण्यदायक कार्य माना गया है।
तीर्थ स्थलों पर स्नान फलदायी
षष्ठी वल्लभ ने बताया कि इस दिन प्रातःकाल पवित्र नदियों या तीर्थ स्थलों पर स्नान करना विशेष फलदायी होता है। इसके बाद भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन, व्रत तथा विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वैशाख पूर्णिमा के दिन श्री लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
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करनाल। शुक्रवार को वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान बुद्ध की जयंती मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात्रि 9:12 बजे से प्रारंभ होकर एक मई की रात्रि 10:52 बजे तक रहेगी, इसके चलते श्रद्धालु पूरे दिन पूजा, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेगे।
जीटी रोड स्थित कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित षष्ठी वल्लभ पांडे के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा से ग्रीष्म ऋतु का विधिवत शुभारंभ माना जाता है। इस दिन किए गए दान का विशेष महत्व होता है। उन्होंने बताया कि छाता, जूते-चप्पल और पानी से भरे घड़े का दान करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से प्याऊ लगाकर राहगीरों को ठंडा एवं मीठा पानी पिलाना अत्यंत पुण्यदायक कार्य माना गया है।
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तीर्थ स्थलों पर स्नान फलदायी
षष्ठी वल्लभ ने बताया कि इस दिन प्रातःकाल पवित्र नदियों या तीर्थ स्थलों पर स्नान करना विशेष फलदायी होता है। इसके बाद भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन, व्रत तथा विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वैशाख पूर्णिमा के दिन श्री लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
