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Karnal News: रेलवे के रनिंग रूम में गैस का संकट, आईओसीएल को लिखा पत्र
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राम सारस्वत
करनाल। गैस संकट ने अब रेलवे के रनिंग रूम को भी अपनी जद में ले लिया है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को पत्र लिखकर जल्द गैस सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और यदि समय रहते सप्लाई बहाल नहीं हुई तो रेलवे कर्मचारियों को भोजन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली मंडल के सभी रनिंग रूम में फिलहाल गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं लेकिन कुछ समय से नई सप्लाई नहीं पहुंच रही है। यही वजह है कि स्टॉक लगातार कम होता जा रहा है। रनिंग रूम रेलवे के लोको पायलट, गार्ड और अन्य रनिंग स्टाफ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं जहां उन्हें आराम और भोजन की सुविधा मिलती है। ऐसे में गैस की कमी सीधे तौर पर उनके कामकाज और स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।
जगाधरी वर्कशॉप की कैंटीन बंद
गैस की किल्लत का असर अब दिखाई देने लगा है। जगाधरी वर्कशॉप की कैंटीन 16 मार्च से बंद पड़ी है जिससे वहां कार्यरत कर्मचारियों को भोजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। यह स्थिति संकेत दे रही है कि यदि सप्लाई जल्द नहीं सुधरी तो अन्य स्थानों पर भी यही हालात बन सकते हैं।
कई प्रमुख स्टेशन प्रभावित
दिल्ली मंडल के अंतर्गत 14 रनिंग रूम संचालित होते हैं। इनमें हरियाणा के 6 स्टेशन जिनमें पानीपत, पलवल, जींद, जाखल, रोहतक और अंबाला कैंट शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी ठहरते हैं और भोजन करते हैं। ऐसे में गैस आपूर्ति बाधित होने से न केवल कर्मचारियों की सुविधा प्रभावित हो सकती है। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अजय माइकल ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने आईओसीएल को पत्र में स्पष्ट किया है कि गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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रनिंग रूम की अहमियत-
लोको पायलट और गार्ड के लिए विश्राम स्थल।
24 घंटे भोजन और ठहरने की सुविधा।
लंबी ड्यूटी के बीच जरूरी आराम का केंद्र।
ट्रेन संचालन की सुचारू व्यवस्था में अहम भूमिका।
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करनाल। गैस संकट ने अब रेलवे के रनिंग रूम को भी अपनी जद में ले लिया है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को पत्र लिखकर जल्द गैस सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और यदि समय रहते सप्लाई बहाल नहीं हुई तो रेलवे कर्मचारियों को भोजन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली मंडल के सभी रनिंग रूम में फिलहाल गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं लेकिन कुछ समय से नई सप्लाई नहीं पहुंच रही है। यही वजह है कि स्टॉक लगातार कम होता जा रहा है। रनिंग रूम रेलवे के लोको पायलट, गार्ड और अन्य रनिंग स्टाफ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं जहां उन्हें आराम और भोजन की सुविधा मिलती है। ऐसे में गैस की कमी सीधे तौर पर उनके कामकाज और स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।
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जगाधरी वर्कशॉप की कैंटीन बंद
गैस की किल्लत का असर अब दिखाई देने लगा है। जगाधरी वर्कशॉप की कैंटीन 16 मार्च से बंद पड़ी है जिससे वहां कार्यरत कर्मचारियों को भोजन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। यह स्थिति संकेत दे रही है कि यदि सप्लाई जल्द नहीं सुधरी तो अन्य स्थानों पर भी यही हालात बन सकते हैं।
कई प्रमुख स्टेशन प्रभावित
दिल्ली मंडल के अंतर्गत 14 रनिंग रूम संचालित होते हैं। इनमें हरियाणा के 6 स्टेशन जिनमें पानीपत, पलवल, जींद, जाखल, रोहतक और अंबाला कैंट शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी ठहरते हैं और भोजन करते हैं। ऐसे में गैस आपूर्ति बाधित होने से न केवल कर्मचारियों की सुविधा प्रभावित हो सकती है। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अजय माइकल ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने आईओसीएल को पत्र में स्पष्ट किया है कि गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
रनिंग रूम की अहमियत-
लोको पायलट और गार्ड के लिए विश्राम स्थल।
24 घंटे भोजन और ठहरने की सुविधा।
लंबी ड्यूटी के बीच जरूरी आराम का केंद्र।
ट्रेन संचालन की सुचारू व्यवस्था में अहम भूमिका।