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Karnal News: गोबर से बनेगी गैस, निगम स्थापित करेगा सीबीजी प्लांट
Mon, 04 May 2026 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 04 May 2026 02:41 AM IST
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जितेंद्र नरवाल
करनाल।
नगर निगम ने कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट तैयार करने की योजना बनाई है। इस प्लांट में गोबर से गैस बनाई जाएगी। फूसगढ़ गोशाला में गोवंशों के गोबर से रोजाना करीब 12 मीट्रिक टन गैस तैयार करने की योजना है। प्लांट से तैयार गैस को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के गैस ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इसका घरेलू और औद्योगिक उपयोग होगा।
नगर निगम के अधिकारी प्रोजेक्ट को अर्बन चैलेंज फंड से बनवाना चाहते हैं। डीपीआर तैयार कराई जा रही है। गोशाला के पास प्लांट के लिए जगह तलाश की जा रही है। इससे पहले मुगल माजरा गांव में आईजीएल कंपनी करीब 9 मीट्रिक टन क्षमता का बायोगैस प्लांट स्थापित कर चुकी है। यह सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है।
अर्बन चैलेंज फंड से मिलेगा समर्थन
केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड से वित्तीय सहायता के लिए निगम प्रस्ताव तैयार कर रहा है। योजना के लिए 25 प्रतिशत केंद्र सरकार, 25 प्रतिशत राज्य और 25 प्रतिशत बजट पीपीपी मोड पर लगाया जाएगा। गैस की बिक्री से नगर निगम को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
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नगर निगम का लक्ष्य है कि परियोजना के जरिए करनाल को ग्रीन एनर्जी सिटी के रूप में विकसित किया जाए। भविष्य में अन्य गोशालाओं और कचरा स्थलों पर भी ऐसे प्लांट लगाने की योजना है। गोबर से बनने वाली गैस जहां एक ओर स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत बनेगी, वहीं दूसरी ओर शहर को गैस की किल्लत से भी स्थायी राहत दिलाएगी। -रेणु बाला गुप्ता, मेयर, करनाल
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करनाल।
नगर निगम ने कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट तैयार करने की योजना बनाई है। इस प्लांट में गोबर से गैस बनाई जाएगी। फूसगढ़ गोशाला में गोवंशों के गोबर से रोजाना करीब 12 मीट्रिक टन गैस तैयार करने की योजना है। प्लांट से तैयार गैस को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के गैस ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इसका घरेलू और औद्योगिक उपयोग होगा।
नगर निगम के अधिकारी प्रोजेक्ट को अर्बन चैलेंज फंड से बनवाना चाहते हैं। डीपीआर तैयार कराई जा रही है। गोशाला के पास प्लांट के लिए जगह तलाश की जा रही है। इससे पहले मुगल माजरा गांव में आईजीएल कंपनी करीब 9 मीट्रिक टन क्षमता का बायोगैस प्लांट स्थापित कर चुकी है। यह सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है।
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अर्बन चैलेंज फंड से मिलेगा समर्थन
केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड से वित्तीय सहायता के लिए निगम प्रस्ताव तैयार कर रहा है। योजना के लिए 25 प्रतिशत केंद्र सरकार, 25 प्रतिशत राज्य और 25 प्रतिशत बजट पीपीपी मोड पर लगाया जाएगा। गैस की बिक्री से नगर निगम को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
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नगर निगम का लक्ष्य है कि परियोजना के जरिए करनाल को ग्रीन एनर्जी सिटी के रूप में विकसित किया जाए। भविष्य में अन्य गोशालाओं और कचरा स्थलों पर भी ऐसे प्लांट लगाने की योजना है। गोबर से बनने वाली गैस जहां एक ओर स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत बनेगी, वहीं दूसरी ओर शहर को गैस की किल्लत से भी स्थायी राहत दिलाएगी। -रेणु बाला गुप्ता, मेयर, करनाल