दादा-दादी को मार डाला: पोते ने दोस्तों संग मिलकर हत्या की; मां ने भी की मदद... पति को सुलाया, चीखें की अनसुनी
बुजुर्ग दंपती की हत्या में पोता रविंद्र के साथ उसकी मां गीता देवी भी शामिल पाई गई। पुलिस ने गीता को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों संपत्ति हड़पना चाहते थे। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
विस्तार
असंध के रामनगर में बुजुर्ग दंपती हरी सिंह और लीला देवी की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने पोते रविंद्र के साथ उसकी मां गीता देवी को भी गिरफ्तार किया है। संपत्ति हड़पने के लालच में दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। रविंद्र ने दो दोस्तों की मदद से वारदात को अंजाम दिया और लूटी गई नकदी मां को सौंप दी थी।
पोते ने कुर्ते की जेब से चाबी निकाली
बुजुर्ग दंपती हरी सिंह नंबरदार (78) और लीला देवी (75) की हत्या की साजिश में उनके आरोपी पोते रविंद्र के साथ उसकी मां गीता देवी भी शामिल थी। जिसे बुधवार को असंध थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रविंद्र ने मां के साथ एक सप्ताह पहले ही हत्या की साजिश रची थी। रविवार को मौका मिलते ही उसने दो दोस्तों को साथ लेकर वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या के बाद आरोपी रविंद्र ने मृत पड़े दादा के कुर्ते की जेब से चाबी निकालकर तिजौरी खोली और 1.10 लाख रुपये निकाले। वारदात के बाद यह रुपये और चाबी उसने घर जाकर मां को दी। मां ने चुपके से यह राशि घर में रख ली।
रिमांड के दौरान रविंद्र ने खुलासा किया कि उसकी मां गीता को वारदात के बारे में पता था और योजना में शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी मां को काबू किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि रविवार की रात को हत्या की वारदात को अंजाम देने के दौरान भी गीता जाग रही थी। उसने दोनों बुजुर्गों की चिल्लाने की आवाज भी सुनी थी लेकिन उसे वारदात के बारे में पता है, किसी को भी इसका एहसास नहीं होने दिया।
जैसे ही सुबह दूसरे पोते रोहित पुत्र गुलाब ने आकर दादा-दादी को देखा और हत्या किए जाने बारे पता लगी तो दोनों आरोपी मां-बेटा भी रोने का नाटक करने लगे लेकिन पुलिस की जांच के आगे दोनों ही टिक नहीं पाए। पुलिस ने गीता की निशानदेही पर उसके कब्जे से 1.10 लाख रुपये की राशि, तिजोरी की चाबी सहित अन्य समान बरामद किया है।
बुजुर्गों की संपत्ति हड़पना चाहते थे मां-बेटा
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मां और बेटे की लंबे समय से बुजुर्ग दंपती की हत्या करने की योजना थी। दोनों बुजुर्गों की संपति और मकान हड़पना चाहते थे। इसके लिए बीते एक सप्ताह से आरोपी ने टेप लाकर रखी थी। दोनों मां बेटा अब वारदात को अंजाम देने की ताक में थे लेकिन न हत्या करने वाले मिल रहे थे और न ही मौका मिल रहा था। दोनों मां बेटा ने बुजुर्गों की हत्या करने के लिए रविवार की रात का समय तय किया। इसके लिए दो अन्य आरोपियों प्रदीप और गुलशन को तांबा चोरी का लालच देकर बुलाया और वारदात को अंजाम दे दिया। इसके बाद दोनों बाइक पर अपने घर भाग गए।
लूट दिखाने के लिए तिजोरी में अटकाई थी चद्दर, चाबी मां ने छिपाई
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे पोते ने दादा की तिजोरी से रुपये निकालकर उसके अंदर गद्दी पर बिछाई चद्दर को फंसा दिया था। ताकि सभी को ये लगे कि लूट की वारदात के दौरान चद्दर अंदर फंसाई है और बुजुर्गों की विरोध करने पर हत्या की गई है।
तांबे से भरे दो कट्टे भी छिपाए थे, पुलिस ने किए बरामद
हत्या की वारदात में शामिल दोनों आरोपी जयसिंहपुर गांव निवासी प्रदीप और गुलशन वारदात के बाद रात 1:15 बजे बाइक पर सवार होकर चले गए। दोनों बाइक पर तांबे के दो कट्टे अपने साथ ले गए। दोनों ने कट्टों को छिपा दिया था। रविंद्र की योजना थी कि जब ये मामला शांत हो जाएगा, उसके बाद तीनों तांबा को बेचकर पैसे बांट लेंगे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तांबे के भरे दोनों कट्टे बरामद कर लिए हैं।
ये था पूरा मामला-
असंध के रामनगर में हरी सिंह नंबरदार और उनकी पत्नी लीला देवी एक साथ रहते थे। घर में ही कबाड़ी का काम करते थे। सोमवार सुबह जैसे ही हरि सिंह के बड़े बेटे गुलाब का लड़का रोहित दादा के घर पहुंचा तो बरामदे में दादा-दादी नहीं दिखे। उसने फिर साथ लगते अपने चाचा यानी बुजुर्ग के छोटे बेटे बंसी के घर पहुंचकर पूछा कि दादा-दादी नहीं मिले। फिर बंसी ने अपने भतीजे रोहित के साथ जाकर देखा तो कमरे की बाहर से कुंडी लगी थी। कमरे के अंदर दोनों बुजुर्ग मृत पड़े थे। दोनों के हाथ पैर बंधे हुए थे।
मुंह पर टेप लगाकर कपड़ा बांधा हुआ था। पोते ने असंध थाना पहुंचकर शिकायत दी थी। असंध थाना पुलिस, सीआईए असंध प्रभारी सुलिंदर सिंह, सीआईए दो प्रभारी परवीन कुमार और डीएसपी गोरखपाल राणा मौके पर पहुंचे थे। एसपी नरेंद्र बिजारणियां ने मौका मुआयना किया था। वहीं बुजुर्गों के शवों का सोमवार रात को सात बजे संस्कार किया गया था। पुलिस ने मामले में सीसीटीवी मे दो युवक आते मिले। गहनता से जांच की गई और कॉल डिटेल चेक की तो आरोपी पोते रविंद्र पर शक हुआ।
रविंद्र से पूछा तो पुलिस को गुमराह करता था लेकिन हाथ पर चोट लगी होने और कॉल डिटेल का मिलान होने पर पुलिस ने रविंद्र को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने खुलासा किया कि वारदात में उसके साथ जयसिंहपुर निवासी प्रदीप और गुलशन भी शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
आरोपी रविंद्र की मां गीता देवी भी हत्या की योजना में शामिल थी। हत्या के दौरान जाग रही थी। उसके बाद बुजुर्गों की तिजोरी से निकाले 1.10 लाख रुपये और चाबी उसकी मां की निशानदेही पर बरामद हुई है। वीरवार को गीता को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं पहले से गिरफ्तार तीनों आरोपियों को पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया है। इन्हें शुक्रवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। -नसीब सिंह, थाना प्रभारी, असंध थाना