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Karnal News: कुंजपुरा में समय के साथ बढ़ी स्वास्थ्य सेवाएं, 24 घंटे खुली रहती है सीएचसी
Sun, 26 Apr 2026 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 26 Apr 2026 02:17 AM IST
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सीएचसी कुंजपुरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। कुंजपुरा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। करीब 30 वर्ष पहले स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को वर्ष 2017 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपग्रेड किया गया। इसके बाद से यहां चिकित्सा सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ा है।
सीएचसी के संचालन से घीड़, मधुबन, मिरघान क्लस्टर सहित करीब 70 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। पहले जहां लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए शहर का रुख करना पड़ता था, वहीं अब अधिकतर सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेड की व्यवस्था है। चार मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्स नियुक्त हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सीएचसी 24 घंटे खुली रहती है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज मिल पाता है।
महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। अब गर्भवती महिलाओं को सभी प्रकार के जरूरी टेस्ट निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, सीएचसी में सिजेरियन डिलीवरी (ऑपरेशन से प्रसव) की सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को काफी राहत मिली है।
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें भी निजी केंद्रों पर नि:शुल्क कराई जा रही हैं। इससे जरूरतमंद महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और उन्हें आर्थिक बोझ से भी राहत मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी बनने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है और अब उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता कम हो गई है।
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सिजेरियन डिलीवरी की सुविधाकुंजपुरा सीएचसी में इस साल से सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है। डिलीवरी होने के बाद बच्चे की सुरक्षा के लिए प्राइवेट अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ को 2500 रुपये फीस देकर बुलाया जाता है। -नरेशो देवी
सभी टेस्ट हो रहे हैं नि:शुल्क
सीएचसी कुंजपुरा में गर्भवती महिलाओं के सभी जरूरी जांच नि:शुल्क कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं के परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। उनके संतुलित भोजन के लिए डाॅक्टर की ओर से डाइट शेड्यूल भी बनाकर दिया जाता है। -सोनिया
24 घंटे सीएचसी खुलने से लाभ
गांव की सीएचसी 24 घंटे खुलने से आस-पास के करीब 60 से 65 गांव के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। मधुबन, घीड़ व मिरघान गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी इसके अंर्तगत आते है। इन गांव की गर्भवती महिलाओं को यहीं रेफर किया जाता है। -अनीता
वर्जन
कुंजपुरा की गांव की सीएचसी में रोजाना 200 से 250 लोगों की ओपीडी रहती है। महिला रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ यहां नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक व फिजिशियन भी हैं। लक्ष्य रहता है कि हर व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा यहीं उपलब्ध कराई जाए। बहुत ही गंभीर स्थिति में मरीजों को सिविल अस्पताल रेफर किया जाता है। - संदीप अबरोल, एसएमओ, सीएचसी कुंजपुरा
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कुंजपुरा। कुंजपुरा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। करीब 30 वर्ष पहले स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को वर्ष 2017 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपग्रेड किया गया। इसके बाद से यहां चिकित्सा सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ा है।
सीएचसी के संचालन से घीड़, मधुबन, मिरघान क्लस्टर सहित करीब 70 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। पहले जहां लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए शहर का रुख करना पड़ता था, वहीं अब अधिकतर सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेड की व्यवस्था है। चार मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्स नियुक्त हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सीएचसी 24 घंटे खुली रहती है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज मिल पाता है।
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महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। अब गर्भवती महिलाओं को सभी प्रकार के जरूरी टेस्ट निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, सीएचसी में सिजेरियन डिलीवरी (ऑपरेशन से प्रसव) की सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को काफी राहत मिली है।
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें भी निजी केंद्रों पर नि:शुल्क कराई जा रही हैं। इससे जरूरतमंद महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और उन्हें आर्थिक बोझ से भी राहत मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी बनने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है और अब उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता कम हो गई है।
सिजेरियन डिलीवरी की सुविधाकुंजपुरा सीएचसी में इस साल से सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है। डिलीवरी होने के बाद बच्चे की सुरक्षा के लिए प्राइवेट अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ को 2500 रुपये फीस देकर बुलाया जाता है। -नरेशो देवी
सभी टेस्ट हो रहे हैं नि:शुल्क
सीएचसी कुंजपुरा में गर्भवती महिलाओं के सभी जरूरी जांच नि:शुल्क कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं के परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। उनके संतुलित भोजन के लिए डाॅक्टर की ओर से डाइट शेड्यूल भी बनाकर दिया जाता है। -सोनिया
24 घंटे सीएचसी खुलने से लाभ
गांव की सीएचसी 24 घंटे खुलने से आस-पास के करीब 60 से 65 गांव के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। मधुबन, घीड़ व मिरघान गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी इसके अंर्तगत आते है। इन गांव की गर्भवती महिलाओं को यहीं रेफर किया जाता है। -अनीता
वर्जन
कुंजपुरा की गांव की सीएचसी में रोजाना 200 से 250 लोगों की ओपीडी रहती है। महिला रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ यहां नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक व फिजिशियन भी हैं। लक्ष्य रहता है कि हर व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा यहीं उपलब्ध कराई जाए। बहुत ही गंभीर स्थिति में मरीजों को सिविल अस्पताल रेफर किया जाता है। - संदीप अबरोल, एसएमओ, सीएचसी कुंजपुरा