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Karnal News: नियमित दवा और देखभाल से पा सकते हैं हीमोफिलिया पर नियंत्रण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:35 AM IST
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Hemophilia can be controlled with regular medication and care.
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। हीमोफिलिया एक आनुवंशिक बीमारी है जिसमें खून के थक्के जमने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। जिला नागरिक अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि हीमोफिलिया मुख्य रूप से शरीर में फैक्टर-8 और फैक्टर-9 की कमी के कारण होता है जिससे मामूली चोट लगने पर भी खून का बहाव देर तक जारी रहता है और कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है। हीमोफिलिया का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है लेकिन नियमित दवा, सावधानी और सही देखभाल से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।
डॉ. दीपक ने बताया कि जिले में मरीजों की संख्या 64 है। मरीजों को नियमित रूप से अस्पताल में उपचार और आवश्यक फैक्टर इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें समय-समय पर दवाइयां दी जाती हैं ताकि रक्तस्राव को रोका जा सके और जोड़ों या शरीर के अंदरूनी हिस्सों में होने वाली जटिलताओं से बचाव हो सके।
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डॉ. गोयल ने कहा कि हीमोफिलिया के लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। बच्चों में बार-बार चोट लगना, शरीर पर नीले निशान बनना, जोड़ों में सूजन या मामूली कट पर भी खून का देर तक बहना इसके प्रमुख संकेत हैं। ऐसे मामलों में तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
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-अन्य जिलों के मरीजों का भी उपचार
जिला नागरिक अस्पताल न केवल अपने जिले के मरीजों का इलाज कर रहा है बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले हीमोफिलिया मरीजों को भी फैक्टर उपलब्ध करवा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर मरीजों को राहत मिल रही है और उन्हें बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ता। डॉ. गोयल ने बताया कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजन को काउंसिलिंग भी दी जाती है जिसमें उन्हें सावधानियों और जीवनशैली से जुड़े जरूरी पहलुओं के बारे में जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि हीमोफिलिया का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है लेकिन नियमित दवा, सावधानी और सही देखभाल से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।



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अहम प्रोटीन हैं फैक्टर 8 और 9

फैक्टर 8 और फैक्टर 9 रक्त का थक्का जमाने वाले महत्वपूर्ण प्रोटीन हैं, जो यकृत में बनते हैं। इनकी कमी से हीमोफिलिया नामक आनुवंशिक रक्तस्राव विकार होते हैं: फैक्टर 8 की कमी से हीमोफिलिया ए और फैक्टर 9 की कमी से हीमोफिलिया बी (क्रिसमस रोग) होता है। ये कारक रक्तस्राव को रोकने के लिए मिलकर काम करते हैं।
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