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Karnal News: दहेज हत्या के दोषी महिला के पति, सास और ससुर को 10-10 साल की कैद
Fri, 31 Jul 2026 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:32 AM IST
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करनाल। दहेज हत्या के मामले में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वीरवार को मृतक महिला के पति अजीत सिंह, ससुर सतबीर सिंह और सास मामो देवी को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि विवाहिता की शादी के कुछ ही महीनों बाद उसे दहेज की मांग के लिए प्रताड़ित किया गया और परिस्थितियां उसकी असामयिक मौत का कारण बनीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं प्रिजाइडिंग ऑफिसर नेहा नोहरिया की अदालत ने तीनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पानीपत के कालखा गांव निवासी ललित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी बहन प्रियंका की शादी 21 नवंबर 2021 को करनाल के विकास नगर निवासी अजीत सिंह से हुई थी। आरोप था कि शादी के समय परिवार ने अपनी क्षमता से बढ़कर दहेज दिया था जिसमें कार सहित अन्य घरेलू सामान भी शामिल था।
शादी के कुछ समय बाद ही पति अजीत सिंह, सास मामो देवी और ससुर सतबीर सिंह ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी और विवाहिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसे बार-बार ताने दिए जाते थे और अधिक सामान तथा पैसे लाने का दबाव बनाया जाता था।
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जहरीला पदार्थ खाने के बाद कई दिन तक चला इलाज
पुलिस जांच के अनुसार, शादी के करीब चार माह बाद 26 मार्च 2022 को प्रियंका ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे पहले कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उपचार के दौरान उसे निजी अस्पताल रेफर किया गया। कुछ समय बाद उसे फिर सरकारी अस्पताल लाया गया और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद 2 अप्रैल 2022 को उसकी मौत हो गई। मृत्यु के बाद अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मृतका के भाई ललित कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बहन लगातार ससुराल पक्ष की प्रताड़ना सह रही थी। आरोपों के आधार पर पुलिस ने दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में जुटाए गए अहम साक्ष्य
जांच के दौरान पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पतालों से उपचार संबंधी दस्तावेज, विवाह से जुड़े रिकॉर्ड, दहेज सूची, गवाहों के बयान तथा घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्य एकत्र किए। जांच पूरी होने के बाद सेक्टर-32/33 थाना पुलिस ने पति अजीत सिंह, ससुर सतबीर सिंह और सास मामो देवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी एवं 34 के तहत अदालत में चालान पेश किया। दोषियों की ओर से अदालत से नरमी बरतने की अपील की गई। पति ने स्वयं को परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया, जबकि सास और ससुर ने बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देकर सजा कम करने की मांग की। जबकि दूसरी ओर उप जिला न्यायवादी आकाश तंवर ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी कि विवाहिता की मौत दहेज प्रताड़ना का परिणाम है और उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त हैं। मामले की मजबूती से पैरवी की गई।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पानीपत के कालखा गांव निवासी ललित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी बहन प्रियंका की शादी 21 नवंबर 2021 को करनाल के विकास नगर निवासी अजीत सिंह से हुई थी। आरोप था कि शादी के समय परिवार ने अपनी क्षमता से बढ़कर दहेज दिया था जिसमें कार सहित अन्य घरेलू सामान भी शामिल था।
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शादी के कुछ समय बाद ही पति अजीत सिंह, सास मामो देवी और ससुर सतबीर सिंह ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी और विवाहिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसे बार-बार ताने दिए जाते थे और अधिक सामान तथा पैसे लाने का दबाव बनाया जाता था।
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जहरीला पदार्थ खाने के बाद कई दिन तक चला इलाज
पुलिस जांच के अनुसार, शादी के करीब चार माह बाद 26 मार्च 2022 को प्रियंका ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे पहले कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उपचार के दौरान उसे निजी अस्पताल रेफर किया गया। कुछ समय बाद उसे फिर सरकारी अस्पताल लाया गया और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद 2 अप्रैल 2022 को उसकी मौत हो गई। मृत्यु के बाद अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मृतका के भाई ललित कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बहन लगातार ससुराल पक्ष की प्रताड़ना सह रही थी। आरोपों के आधार पर पुलिस ने दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में जुटाए गए अहम साक्ष्य
जांच के दौरान पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पतालों से उपचार संबंधी दस्तावेज, विवाह से जुड़े रिकॉर्ड, दहेज सूची, गवाहों के बयान तथा घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्य एकत्र किए। जांच पूरी होने के बाद सेक्टर-32/33 थाना पुलिस ने पति अजीत सिंह, ससुर सतबीर सिंह और सास मामो देवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी एवं 34 के तहत अदालत में चालान पेश किया। दोषियों की ओर से अदालत से नरमी बरतने की अपील की गई। पति ने स्वयं को परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया, जबकि सास और ससुर ने बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देकर सजा कम करने की मांग की। जबकि दूसरी ओर उप जिला न्यायवादी आकाश तंवर ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी कि विवाहिता की मौत दहेज प्रताड़ना का परिणाम है और उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त हैं। मामले की मजबूती से पैरवी की गई।