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Karnal News: कराटे में जतिन कर रहे प्रदेश का नाम रोशन
Mon, 18 May 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 18 May 2026 02:06 AM IST
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जतिन।
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पानीपत। बिंझौल गांव के जतिन कराटे के क्षेत्र में मेहनत और लगन के दम पर न केवल जिले बल्कि प्रदेश स्तर पर नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने अब तक जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपने गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिताओं में जतिन ने अब तक दस स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।
राज्य स्तर पर भी उन्होंने आठ स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अब तक दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। साथ ही जनवरी में आयोजित महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक में हुई ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कराटे प्रतियोगिता में भी उन्होंने रजत पदक हासिल किया।
करीब 12 वर्षों से जतिन इसराना में कोच प्रवीन कुंडू के मार्गदर्शन में कराटे का प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच प्रवीन कुंडू ने बताया कि जतिन शुरू से ही मेहनती खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कभी अभ्यास में लापरवाही नहीं बरती और हर मुकाबले को पूरी गंभीरता से लिया। जतिन ने बताया कि शुरुआत में मुश्किलें आईं लेकिन परिवार और कोच के सहयोग से उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके माता-पिता और कोच ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जतिन के पिता कमल सैनी एक फैक्टरी में कार्यरत हैं और मां पूनम गृहिणी हैं। माता-पिता ने सीमित साधनों के बावजूद अपने बेटे के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जतिन स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। जतिन के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है।
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राज्य स्तर पर भी उन्होंने आठ स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अब तक दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। साथ ही जनवरी में आयोजित महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक में हुई ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कराटे प्रतियोगिता में भी उन्होंने रजत पदक हासिल किया।
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करीब 12 वर्षों से जतिन इसराना में कोच प्रवीन कुंडू के मार्गदर्शन में कराटे का प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच प्रवीन कुंडू ने बताया कि जतिन शुरू से ही मेहनती खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कभी अभ्यास में लापरवाही नहीं बरती और हर मुकाबले को पूरी गंभीरता से लिया। जतिन ने बताया कि शुरुआत में मुश्किलें आईं लेकिन परिवार और कोच के सहयोग से उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके माता-पिता और कोच ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जतिन के पिता कमल सैनी एक फैक्टरी में कार्यरत हैं और मां पूनम गृहिणी हैं। माता-पिता ने सीमित साधनों के बावजूद अपने बेटे के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जतिन स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। जतिन के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है।
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