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Karnal News: वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंकने के आरोपी को सात दिन की सजा
Tue, 19 May 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 19 May 2026 01:12 AM IST
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कुरुक्षेत्र। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) डॉ. मोहिनी की अदालत ने रेलवे अधिनियम से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। आरोपियों ने अपना अपराध अदालत के सामने बिना किसी दबाव के स्वीकार कर लिया था।
पहले मामले में बिहार के खगड़िया जिले के गांव बखरी निवासी साजन को रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत दोषी करार दिया गया। अदालत में पेश अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने 10 मई को वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंककर उसकी खिड़की का शीशा तोड़ दिया था। इस घटना से ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। मामले में आरपीएफ थाना कुरुक्षेत्र में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसने अपराध स्वीकार कर लिया और सुनवाई की मांग नहीं की। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात दिन के साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक दिन अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में रह चुका है, इसलिए हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
बिना कारण ट्रेन की चेन खींचने पर 500 रुपये का जुर्माना
दूसरा मामला रेलवे स्टेशन परिसर में ट्रेन की चेन खींचने से जुड़ा है। अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार कैथल जिले के गांव पबनावा निवासी महिला पर आरोप था कि उसने तीन फरवरी को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बिना किसी उचित कारण के ट्रेन की चेन खींच दी थी। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पुलिस पोस्ट कुरुक्षेत्र में डीडीआर दर्ज की गई थी। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने स्वयं को दोषी स्वीकार कर लिया। अदालत ने उसे रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी ठहराते हुए 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में एक दिन के साधारण कारावास का प्रावधान रखा गया। आरोपी ने अदालत में जुर्माना जमा करवा दिया।
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पहले मामले में बिहार के खगड़िया जिले के गांव बखरी निवासी साजन को रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत दोषी करार दिया गया। अदालत में पेश अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने 10 मई को वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंककर उसकी खिड़की का शीशा तोड़ दिया था। इस घटना से ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। मामले में आरपीएफ थाना कुरुक्षेत्र में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसने अपराध स्वीकार कर लिया और सुनवाई की मांग नहीं की। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात दिन के साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक दिन अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में रह चुका है, इसलिए हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
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बिना कारण ट्रेन की चेन खींचने पर 500 रुपये का जुर्माना
दूसरा मामला रेलवे स्टेशन परिसर में ट्रेन की चेन खींचने से जुड़ा है। अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार कैथल जिले के गांव पबनावा निवासी महिला पर आरोप था कि उसने तीन फरवरी को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बिना किसी उचित कारण के ट्रेन की चेन खींच दी थी। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पुलिस पोस्ट कुरुक्षेत्र में डीडीआर दर्ज की गई थी। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने स्वयं को दोषी स्वीकार कर लिया। अदालत ने उसे रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी ठहराते हुए 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में एक दिन के साधारण कारावास का प्रावधान रखा गया। आरोपी ने अदालत में जुर्माना जमा करवा दिया।
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