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Karnal News: जिलेभर में मेडिकल स्टोरों पर लटके रहे ताले, पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित
Thu, 21 May 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 21 May 2026 01:37 AM IST
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कुरुक्षेत्र। ओपीडी में पहुंची मरीज प्रेमी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। जिले में बुधवार को करीब एक हजार मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल पर रहे, जिससे करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। साथ ही मरीज दवा लेने के लिए दिन भर भटकते रहे। पिहोवा में मेडिकल स्टोर संचालक सड़क पर उतर आए और एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए रोष प्रदर्शन किया।
मेडिकल स्टोर बंद रहने से खासकर अस्पतालों के आसपास दवा लेने पहुंचे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ नर्सिंग होम और अस्पतालों के अंदर संचालित स्टोर खुले रहे, जिससे आपातकालीन दवाइयों के लिए लोगों को कुछ राहत जरूर मिली।
जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंगला ने बताया कि यह एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल थी। उन्होंने कहा कि इससे पहले एसोसिएशन की ओर से जिला उपायुक्त, सांसद नवीन जिंदल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि हड़ताल से एक ही दिन में करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
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पिहोवा के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नंदराजोग ने बताया कि केंद्र सरकार के दो नोटिफिकेशन जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) के विरोध में हड़ताल की गई। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों के कारण ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां कानूनी अस्पष्टता के बीच काम कर रही हैं। अभी तक ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर कोई स्पष्ट और व्यापक कानून लागू नहीं है, जिससे डॉक्टर की पर्ची की जांच, दवा वितरण और नियम उल्लंघन की जवाबदेही तय हो सके। उन्होंने मांग की कि सरकार दोनों नोटिफिकेशन तुरंत प्रभाव से वापस ले और ऑनलाइन फार्मेसी के लिए स्पष्ट नीति लागू करे।
सुबह से नहीं मिली खांसी की दवा : संदीप
अपनी मां के लिए खांसी की दवा लेने निकले संदीप ने बताया कि उन्हें दिनभर कहीं भी दवा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि एलएनजेपी नागरिक अस्पताल में भी बाहर से दवा लेने को कहा गया, लेकिन बाहर निकलने पर सभी मेडिकल स्टोर हड़ताल पर मिले।
पहले ओपीडी में लाइन, फिर दवा के लिए भटकती रही : प्रेमी
जिला नागरिक अस्पताल में जांच करवाने पहुंची प्रेमी ने बताया कि सुबह से ओपीडी की लाइन में लगी रही। जांच के बाद अस्पताल में दवा नहीं मिली तो बाहर मेडिकल स्टोर पर गई, लेकिन सभी दुकानें हड़ताल पर थीं। गर्मी में दवा के लिए काफी परेशान होना पड़ा।
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कुरुक्षेत्र/पिहोवा। जिले में बुधवार को करीब एक हजार मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल पर रहे, जिससे करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। साथ ही मरीज दवा लेने के लिए दिन भर भटकते रहे। पिहोवा में मेडिकल स्टोर संचालक सड़क पर उतर आए और एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए रोष प्रदर्शन किया।
मेडिकल स्टोर बंद रहने से खासकर अस्पतालों के आसपास दवा लेने पहुंचे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ नर्सिंग होम और अस्पतालों के अंदर संचालित स्टोर खुले रहे, जिससे आपातकालीन दवाइयों के लिए लोगों को कुछ राहत जरूर मिली।
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जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंगला ने बताया कि यह एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल थी। उन्होंने कहा कि इससे पहले एसोसिएशन की ओर से जिला उपायुक्त, सांसद नवीन जिंदल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि हड़ताल से एक ही दिन में करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
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पिहोवा के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नंदराजोग ने बताया कि केंद्र सरकार के दो नोटिफिकेशन जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) के विरोध में हड़ताल की गई। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों के कारण ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां कानूनी अस्पष्टता के बीच काम कर रही हैं। अभी तक ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर कोई स्पष्ट और व्यापक कानून लागू नहीं है, जिससे डॉक्टर की पर्ची की जांच, दवा वितरण और नियम उल्लंघन की जवाबदेही तय हो सके। उन्होंने मांग की कि सरकार दोनों नोटिफिकेशन तुरंत प्रभाव से वापस ले और ऑनलाइन फार्मेसी के लिए स्पष्ट नीति लागू करे।
सुबह से नहीं मिली खांसी की दवा : संदीप
अपनी मां के लिए खांसी की दवा लेने निकले संदीप ने बताया कि उन्हें दिनभर कहीं भी दवा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि एलएनजेपी नागरिक अस्पताल में भी बाहर से दवा लेने को कहा गया, लेकिन बाहर निकलने पर सभी मेडिकल स्टोर हड़ताल पर मिले।
पहले ओपीडी में लाइन, फिर दवा के लिए भटकती रही : प्रेमी
जिला नागरिक अस्पताल में जांच करवाने पहुंची प्रेमी ने बताया कि सुबह से ओपीडी की लाइन में लगी रही। जांच के बाद अस्पताल में दवा नहीं मिली तो बाहर मेडिकल स्टोर पर गई, लेकिन सभी दुकानें हड़ताल पर थीं। गर्मी में दवा के लिए काफी परेशान होना पड़ा।

कुरुक्षेत्र। ओपीडी में पहुंची मरीज प्रेमी। संवाद

कुरुक्षेत्र। ओपीडी में पहुंची मरीज प्रेमी। संवाद