फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Medicines costing Rs 1100 at medical stores are being sold online for Rs 650, a protest against this.

Karnal News: मेडिकल स्टोर पर 1100 रुपये वाली दवाई ऑनलाइन 650 में मिल रही, इसी का विरोध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 01:45 AM IST
विज्ञापन
Medicines costing Rs 1100 at medical stores are being sold online for Rs 650, a protest against this.
 कल्पना चावला मेडिकल कालेज के बाह खुली दवा की दुकानें। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। मेडिकल स्टोर पर जो दवाई 1100 रुपये तक मिलती है, ऑनलाइन वही 650 रुपये में लोगों को उपलब्ध हो रही है। ऐसा एक नहीं लगभग हर दवा में हो रहा है, जिसके विरोध में अब मेडिकल स्टोर संचालक आ गए हैं। ऐसे में बुधवार को उन्होंने अपने मेडिकल स्टोर की तालाबंदी करने का एलान किया है। हड़ताल के कारण लोगों को निजी स्टोर से जरूरी दवाएं भी उपलब्ध नहीं हो पाएंगी। गुस्साए केमिस्टों का कहना है कि ई-फार्मेसी जैसे ऑनलाइन दवा आपूर्ति से कारोबार आधा हो गया है।

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर जिले के तीन हजार निजी मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल में शामिल होंगे। दरअसल, ई फार्मेसी के माध्यम से कई दवाएं आधे से भी कम दामों पर मिल जाती हैं। जिससे नियमित दवा लेने वाले मरीजों ने मेडिकल स्टोरों से दवाएं लेना बंद कर रहे हैं। मेडिकल ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला उपप्रधान रजत खन्ना का कहना है कि निजी स्टोर बंद रहेंगे। अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जनऔषधि केंद्र और कुछ इमरजेंसी दवा सेवाएं जारी रहेंगी ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
विज्ञापन

बिना सख्त निगरानी के काम

रजत खन्ना का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां बिना सख्त निगरानी के काम कर रही हैं। कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म गलत या फर्जी प्रिस्क्रिप्शन पर भी दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। संगठन विशेष रूप से दो सरकारी नोटिफिकेशन जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) का विरोध कर रहा है। इन नियमों की वजह से ऑनलाइन दवा कंपनियां कानूनी धुंधले क्षेत्र में काम कर रही हैं और उनके लिए स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

छोटे मेडिकल स्टोरों पर संकट

मेडिकल स्टोर संचालक मुकेश, राजकुमार और अंकुर का कहना है कि ई-फार्मेसी कंपनियां 20 से 60 प्रतिशत तक छूट देकर बाजार को प्रभावित कर रही हैं। इससे छोटे मेडिकल स्टोरों का कारोबार लगातार घट रहा है। कई ऑनलाइन कंपनियां दवाएं बेहद कम कीमत पर बेच रही हैं, भविष्य में बाजार पर बड़ी कंपनियों का नियंत्रण बढ़ सकता है। यह छोटे दुकानदारों के लिए खतरा है।


---

डिजिटलाइजेशन का विरोध नहीं

मेडिकल ड्रगिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि वह डिजिटल व्यवस्था के खिलाफ नहीं है लेकिन दवाओं की बिक्री के लिए मजबूत और सुरक्षित सिस्टम जरूरी है। केमिस्टों की मांग है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए ऐसा सिस्टम बनाया जाए जिसमें प्रिस्क्रिप्शन की जांच, डॉक्टर और केमिस्ट का पंजीकरण तथा दवा वितरण की स्पष्ट निगरानी हो।

---

खुले रहेंगे :

-सरकारी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर

-निजी अस्पतालों की फार्मेसी

-प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र

-अमृत फार्मेसी स्टोर

--

बंद रहेंगे

-निजी मेडिकल स्टोर

-रिटेल केमिस्ट दुकानें

-थोक दवा प्रतिष्ठान

---

ऑनलाइन व ऑफलाइन दवाओं की कीमत

दवा का नाम ऑनलाइन कीमत मेडिकल स्टोर की कीमत

ग्लाइकोमेट 500 टैबलेट 19-42 25-45

मेटफोर 500 एमजी टैबलेट 27-35 35-45

ग्लाइमिप्राइड 45-90 60-110

अमैरिल 95-160 120-180

टेनेलिग्लिप्टिन 85-140 110-160

जीटा 120-170 140-190

जानुमेट 160-320 220-360

ह्यूमन मिक्सटार्ड इंसुलिन 145-220 180-260

लैंटस इंसुलिन 650-950 750-1100

एमलॉन्ग 5 एमजी टैबलेट 42-80 60-90

एम्लोडिपिन 15-40 25-50

टेल्मा 40 टैबलेट 192-212 220-250

लॉसार्टन 35-90 50-110

लोसार 85-140 100-160

एटेनोलोल 18-45 25-55

टेल्मा-एएम 170-260 220-300

सिलाकर 140-230 180-260

ओल्मेसार्टन 70-180 90-220
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed