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Karnal News: अब स्कूलों में हर महीने होगी पानी शौचालय, मिड-डे-मील की जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और पढ़ाई की गुणवत्ता पर अब हर महीने नजर रखी जाएगी। शिक्षा विभाग ने पेयजल, शौचालय, मिड-डे-मील और डिजिटल संसाधनों सहित स्कूलों की व्यवस्थाओं की मासिक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
खंड स्तरीय अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के प्रत्येक सरकारी स्कूल का हर महीने कम से कम एक बार निरीक्षण करने का लक्ष्य दिया है। जिला स्तरीय अधिकारियों को साल में कम से कम तीन बार और हर चार महीने में एक बार स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। इससे स्कूलों में व्यवस्थाओं की निगरानी मजबूत होगी और कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी। निरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप की व्यवस्था लागू की है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान मौके से ही टैग फोटो और समय के साथ रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि निगरानी व्यवस्था और प्रभावी बन सके।
निरीक्षण के दौरान स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल और मिड-डे-मील की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके साथ ही स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, टैबलेट, प्रयोगशालाओं के उपयोग, पुस्तकालय और स्कूल परिसर व खेल मैदान की साफ-सफाई पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
वर्जन-
नियमित निरीक्षण से स्कूलों में व्यवस्थाओं में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। -रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
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खंड स्तरीय अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के प्रत्येक सरकारी स्कूल का हर महीने कम से कम एक बार निरीक्षण करने का लक्ष्य दिया है। जिला स्तरीय अधिकारियों को साल में कम से कम तीन बार और हर चार महीने में एक बार स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। इससे स्कूलों में व्यवस्थाओं की निगरानी मजबूत होगी और कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी। निरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप की व्यवस्था लागू की है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान मौके से ही टैग फोटो और समय के साथ रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि निगरानी व्यवस्था और प्रभावी बन सके।
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निरीक्षण के दौरान स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल और मिड-डे-मील की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके साथ ही स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, टैबलेट, प्रयोगशालाओं के उपयोग, पुस्तकालय और स्कूल परिसर व खेल मैदान की साफ-सफाई पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
वर्जन-
नियमित निरीक्षण से स्कूलों में व्यवस्थाओं में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। -रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी