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Karnal News: हादसे के छठवें दिन जागे अफसर, तारकोल डालकर भरा गड्ढा
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काछवा-बहलोलपुर रोड की पुलिया के गहरे गड्ढे में डाला तारकोल। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/काछवा। काछवा-बहलोलपुर रोड की पुलिया के गहरे गड्ढे के कारण हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के छठवें दिन सिंचाई विभाग के अफसर जागे। मंगलवार को विभाग की टीम वहां पहुंच। गड्ढे में चार तसले तारकोल व सड़क निर्माण सामग्री डाली। इससे गड्ढे की गहराई तो जरूर कम हुई लेकिन काम संतोषजनक नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों निदान सिंह, रमेश और पप्पू का कहना है कि अधिकारियों ने केवल अपनी लापरवाही छिपाने के लिए ऐसा किया है। सड़क से अभी भी पुलिया की सतह में अंतर है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट राजकुमार का कहना है कि ऐसे में दूर से आने वाले वाहनों को झटका लगेगा। हादसे की संभावना अभी कम नहीं हुई। यह गड्ढा चार माह से भी पहले का है और ग्रामीण कई बार इसे भरकर सड़क दुरुस्त करने की मांग कर चुके हैं। सिंचाई विभाग के एक्सईएन विकास राज का कहना है कि गड्ढा भरवा दिया गया है, हादसे के दिन भी जेई ने मौका निरीक्षण किया है।
इसके बाद उन्होंने तुरंत सड़क के इन गड्ढों को भरने के निर्देश दिए थे।
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करनाल/काछवा। काछवा-बहलोलपुर रोड की पुलिया के गहरे गड्ढे के कारण हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के छठवें दिन सिंचाई विभाग के अफसर जागे। मंगलवार को विभाग की टीम वहां पहुंच। गड्ढे में चार तसले तारकोल व सड़क निर्माण सामग्री डाली। इससे गड्ढे की गहराई तो जरूर कम हुई लेकिन काम संतोषजनक नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों निदान सिंह, रमेश और पप्पू का कहना है कि अधिकारियों ने केवल अपनी लापरवाही छिपाने के लिए ऐसा किया है। सड़क से अभी भी पुलिया की सतह में अंतर है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट राजकुमार का कहना है कि ऐसे में दूर से आने वाले वाहनों को झटका लगेगा। हादसे की संभावना अभी कम नहीं हुई। यह गड्ढा चार माह से भी पहले का है और ग्रामीण कई बार इसे भरकर सड़क दुरुस्त करने की मांग कर चुके हैं। सिंचाई विभाग के एक्सईएन विकास राज का कहना है कि गड्ढा भरवा दिया गया है, हादसे के दिन भी जेई ने मौका निरीक्षण किया है।
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इसके बाद उन्होंने तुरंत सड़क के इन गड्ढों को भरने के निर्देश दिए थे।