फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Relief for 15,000 people caught in a land dispute

Karnal News: जमीनी विवाद में फंसी 15 हजार लोगों की राहत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:45 AM IST
विज्ञापन
Relief for 15,000 people caught in a land dispute
निर्माण शुरू होने के बाद कोर्ट के स्टे आने के बाद से बंद पड़ा उपकेंद्र का कार्य। संवाद
राजेन्द्र राणा
विज्ञापन

जुंडला। नरूखेड़ी के लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रस्तावित उपकेंद्र की राह जमीन के विवाद में अटक गई है। मार्च, 2025 में निर्देश जारी होने के करीब 17 महीने बाद भी उपकेंद्र का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इसका असर करीब 15 हजार की आबादी पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में रोजाना बिजली कट लगते हैं। गर्मी में ओवरलोड के कारण परेशानी और बढ़ जाती है।
प्रस्तावित उपकेंद्र शुरू होने के बाद शुरुआत में पांच फीडरों को इससे जोड़ा जाना था। इससे बढ़ौता और जुंडला उपकेंद्रों पर पड़ रहा भार कम होता और नरूखेड़ी क्षेत्र को अलग बिजली आपूर्ति व्यवस्था मिलती। फिलहाल नरूखेड़ी समेत अन्य इलाकों की बिजली आपूर्ति बढ़ौता और जुंडला उपकेंद्रों से ही चल रही है।
विज्ञापन

बिजली निगम ने नरूखेड़ी में नया उपकेंद्र बनाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए मार्च, 2025 में कार्यादेश जारी किया गया। योजना का उद्देश्य मौजूदा बिजली नेटवर्क पर निर्भरता कम करना और आसपास के क्षेत्र को अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपकेंद्र के लिए पंचायत से ली गई जमीन पर विवाद खड़ा हो गया। मामला हाईकोर्ट में है। निर्माण पर स्टे है। मामले में 25 अगस्त को हाईकोर्ट में तारीख है। संवाद
---
पंचायत का दावा- जमीन मौके पर जोहड़ नहीं
सरपंच विकास के अनुसार, जिस जमीन पर उपकेंद्र बनाया जाना प्रस्तावित है, वह पंचायती जमीन है। इसके पास थोड़ी जमीन ऐसी जरूर है जो सरकारी रिकॉर्ड में जोहड़ के रूप में दर्ज है लेकिन मौके पर वहां जोहड़ नहीं है। रिकॉर्ड में दर्ज जमीन और मौके की वास्तविक स्थिति अलग है। इसी जमीन पर विवाद है।
---
पांच फीडर जुड़ते तो कम होता दो उपकेंद्रों का भार
प्रस्तावित उपकेंद्र के शुरू होने से शुरुआत में पांच फीडरों को इससे जोड़े जाने की योजना थी। इसका सीधा फायदा यह होता कि नरूखेड़ी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति का बड़ा हिस्सा अलग उपकेंद्र से संचालित हो जाता। बढ़ौता और जुंडला उपकेंद्रों पर पड़ने वाला भार कम होता। परियोजना अटकने के कारण अभी भी इन्हीं दोनों उपकेंद्रों से क्षेत्र की आपूर्ति हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है
रोजाना बिजली के कट लगते हैं। कई बार जरूरत के समय बिजली चली जाती है। नया उपकेंद्र बन जाता तो परेशानी कम होती। - विकास, सरपंच
गर्मी में लोड बढ़ते ही बिजली की समस्या और ज्यादा हो जाती है। बिजली गुल रहती है। घरों में बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते हैं। - महाबीर, ग्रामीण
जमीन के विवाद के कारण उपकेंद्र के निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ। हमें तो रोज बिजली की परेशानी झेलनी पड़ रही है। - बलकार सिंह, ग्रामीण
बिजली कटने से घरों का काम प्रभावित होता है। अगर नया उपकेंद्र शुरू हो जाए तो लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। - नीरज, ग्रामीण
बिजली निगम ने पंचायत से जमीन ली थी। जिस जमीन पर निर्माण होना है उसके पास की जमीन के एक व्यक्ति ने कोर्ट के माध्यम से स्टे लिया हुआ है। न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही इसका निर्माण शुरू हो पाएगा। - नसीब सिंह, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed