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Karnal News: आरटीई-दस्तावेज सत्यापन पूरा कर निजी स्कूलों को मानने होंगे नए नियम
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 28 Apr 2026 03:00 AM IST
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पानीपत। हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के बाद जिले में आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009) के तहत दाखिला प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन को लेकर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कक्षा प्रथम व उससे पूर्व की कक्षाओं में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर पात्र बच्चों को नियमानुसार प्रवेश देना अनिवार्य होगा।
निर्देशों के अनुसार विद्यालय सेएक किलोमीटर की दूरी के भीतर रहने वाले पात्र बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर दाखिला देना होगा। एक से तीन किलोमीटर तक के बच्चों को स्वेच्छा से प्रवेश देने पर विभाग फीस प्रतिपूर्ति करेगा, जबकि तीन किलोमीटर से अधिक दूरी वाले बच्चों के दाखिले पर किसी प्रकार की प्रतिपूर्ति नहीं मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए वार्षिक आय सीमा 1.80 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जबकि अलाभप्रद समूह के बच्चों के लिए आय सीमा लागू नहीं होगी।
दूसरी तरफ दस्तावेज सत्यापन पोर्टल पर लंबित मामलों को देखते हुए विभाग ने सत्यापन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल तक बढ़ाई थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। जिला और खंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित आवेदनों, अनुपस्थित चिह्नित अभिभावकों तथा अपूर्ण मामलों की समीक्षा कर सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए।
जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी विद्यालयों, खंड शिक्षा अधिकारियों और संबंधित समितियों के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करें। विभागीय स्तर पर अब अनुपालन रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहे।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी सभी निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जा रही है। जिले में आरटीई दाखिला प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन और निजी विद्यालयों की जवाबदेही पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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निर्देशों के अनुसार विद्यालय सेएक किलोमीटर की दूरी के भीतर रहने वाले पात्र बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर दाखिला देना होगा। एक से तीन किलोमीटर तक के बच्चों को स्वेच्छा से प्रवेश देने पर विभाग फीस प्रतिपूर्ति करेगा, जबकि तीन किलोमीटर से अधिक दूरी वाले बच्चों के दाखिले पर किसी प्रकार की प्रतिपूर्ति नहीं मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए वार्षिक आय सीमा 1.80 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जबकि अलाभप्रद समूह के बच्चों के लिए आय सीमा लागू नहीं होगी।
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दूसरी तरफ दस्तावेज सत्यापन पोर्टल पर लंबित मामलों को देखते हुए विभाग ने सत्यापन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल तक बढ़ाई थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। जिला और खंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित आवेदनों, अनुपस्थित चिह्नित अभिभावकों तथा अपूर्ण मामलों की समीक्षा कर सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए।
जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी विद्यालयों, खंड शिक्षा अधिकारियों और संबंधित समितियों के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करें। विभागीय स्तर पर अब अनुपालन रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहे।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी सभी निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जा रही है। जिले में आरटीई दाखिला प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन और निजी विद्यालयों की जवाबदेही पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।

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