{"_id":"6a81567a85283de36601dbc5","slug":"retired-soldier-dies-20-others-suffer-burns-after-high-tension-wire-snaps-electrifies-canter-truck-in-karnal-2026-08-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"करनाल में दर्दनाक हादसा: घरौंडा में हाईटेंशन तार टूटने से कैंटर में दौड़ा करंट, रिटायर्ड फौजी की मौत; 20 झुलसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करनाल में दर्दनाक हादसा: घरौंडा में हाईटेंशन तार टूटने से कैंटर में दौड़ा करंट, रिटायर्ड फौजी की मौत; 20 झुलसे
Sun, 16 Aug 2026 12:06 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, करनाल
अमर उजाला नेटवर्क, करनाल
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 16 Aug 2026 12:06 PM IST
सार
करनाल में श्रद्धालुओं के कैंटर पर हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। करंट लगने से रिटायर्ड फौजी की मौत हो गई, जबकि 20 श्रद्धालु झुलस गए। राजस्थान के बागड़ धाम जा रहे घरौंडा के 60 श्रद्धालुओं के कैंटर में करंट दौड़ गया। कैंटर में आग लगने के बाद टायर भी धमाके के साथ फटे।
विज्ञापन
करनाल में दर्दनाक हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के बागड़ धाम दर्शन के लिए निकला श्रद्धालुओं का जत्था शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। करनाल की घरौंडा की अनोखा कॉलोनी से करीब 60 महिला, पुरुष और बच्चों को लेकर जा रहे कैंटर पर हाईटेंशन बिजली की लाइन टूटकर गिर गई। इस हादसे में रिटायर्ड फौजी नरेश कुमार (47) की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि करीब 20 श्रद्धालु झुलस गए।
विज्ञापन
तार के संपर्क में आते ही कैंटर में करंट दौड़ गया और देखते-ही-देखते उसमें आग लग गई। आग लगने के बाद कैंटर के टायर भी तेज धमाके के साथ फट गए। हादसा इतना भयावह था कि कैंटर में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई श्रद्धालुओं ने अपनी जान बचाने के लिए कैंटर से कूदकर खुद को सुरक्षित किया।
विज्ञापन
आसपास के लोग आवाज सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को कैंटर से बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सात गंभीर घायलों को उनकी हालत को देखते हुए करनाल रेफर किया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।
विज्ञापन
पुलिस की शुरुआती जांच में कैंटर की ऊंचाई बढ़ाना हादसे की एक बड़ी वजह सामने आई है। अधिक श्रद्धालुओं को बैठाने के लिए कैंटर के ऊपर लोहे के पाइप और रैक लगाकर अतिरिक्त व्यवस्था की गई थी। इससे कैंटर की ऊंचाई करीब तीन फीट तक बढ़ गई थी।
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया कैंटर
श्रद्धालुओं का जत्था शनिवार रात करीब दस बजे अनोखा कॉलोनी से राजस्थान के बागड़ धाम के लिए रवाना हुआ था। कैंटर कुछ ही दूरी चला था कि उसका ऊपरी हिस्सा सड़क के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। तार टूटकर कैंटर पर गिर गया और पूरे वाहन में करंट फैल गया। करंट फैलते ही कैंटर में आग लग गई और उसके टायर भी धमाके के साथ फट गए।
श्रद्धालुओं का जत्था शनिवार रात करीब दस बजे अनोखा कॉलोनी से राजस्थान के बागड़ धाम के लिए रवाना हुआ था। कैंटर कुछ ही दूरी चला था कि उसका ऊपरी हिस्सा सड़क के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। तार टूटकर कैंटर पर गिर गया और पूरे वाहन में करंट फैल गया। करंट फैलते ही कैंटर में आग लग गई और उसके टायर भी धमाके के साथ फट गए।
हादसे में नरेश कुमार की मौत
इस दर्दनाक हादसे में रिटायर्ड फौजी नरेश कुमार ने अपनी जान गंवा दी। वह 47 वर्ष के थे और हादसे के समय कैंटर के पास खड़े थे। बताया गया है कि हाईटेंशन तार टूटकर उनकी ओर आया और वह उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नरेश कुमार दो बच्चों के पिता थे। उनके परिवार का सेना से गहरा संबंध रहा है। उनके भाई महेंद्र भी सेना में कार्यरत हैं, और उनके पिता सतपाल भी रिटायर्ड फौजी हैं। इस हादसे से परिवार ने अपना एक सदस्य खो दिया, जिससे गहरा दुख पहुंचा है।
इस दर्दनाक हादसे में रिटायर्ड फौजी नरेश कुमार ने अपनी जान गंवा दी। वह 47 वर्ष के थे और हादसे के समय कैंटर के पास खड़े थे। बताया गया है कि हाईटेंशन तार टूटकर उनकी ओर आया और वह उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नरेश कुमार दो बच्चों के पिता थे। उनके परिवार का सेना से गहरा संबंध रहा है। उनके भाई महेंद्र भी सेना में कार्यरत हैं, और उनके पिता सतपाल भी रिटायर्ड फौजी हैं। इस हादसे से परिवार ने अपना एक सदस्य खो दिया, जिससे गहरा दुख पहुंचा है।
बचाव कार्य और घायलों का उपचार
हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। बिजली की टूटी लाइन के कारण मौके पर जाना जोखिम भरा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने सावधानी से राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को कैंटर से बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। बिजली की टूटी लाइन के कारण मौके पर जाना जोखिम भरा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने सावधानी से राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को कैंटर से बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
घायलों को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से स्टाफ सक्रिय हो गया। चिकित्सकों ने बताया कि कई लोग करंट से झुलसे थे, जबकि कुछ को हादसे के दौरान चोटें भी आई थीं।
सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर स्थिति वाले सात मरीजों को बेहतर उपचार के लिए करनाल भेजा गया, जबकि कुछ अन्य अपनी सुविधा से दूसरे अस्पतालों में चले गए।