{"_id":"61ef11eb90db194d0a1154ac","slug":"rs-10-lakh-withdrawn-from-retired-professor-s-account-karnal-news-knl970148183","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवानिवृत प्रोफेसर के खाते से निकाले 10 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवानिवृत प्रोफेसर के खाते से निकाले 10 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-8 निवासी सेवानिवृत प्रोफेसर के खाते से साइबर ठग ने बैंक अधिकारी बनकर दस लाख रुपये ठग लिए। आरोपी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
सेक्टर-8 अर्बन स्टेट निवासी लाजपत राय ने बताया कि आईआईटी खड़गपुर से वह प्रोफेसर रिटायर्ड है। उसका एसबीआई में खाता है। इस खाता नंबर पर मोबाइल बैंकिग व इंटरनेट बैंकिग चालू नहीं है। 10 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई जिसने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का कस्टमर केयर अधिकारी रवि शर्मा बताते हुए कहा कि केवाईसी अपडेट करें अन्यथा खाता बंद हो जाएगा। इसके बाद उसने बातों में लगाकर उसका आधार कार्ड व अन्य जानकारी ले ली और एक ओटीपी मांगा जो कि उसने बता दिया। इसके बाद उसने ऐनी डेस्क नाम की एक एप इंस्टॉल करवा ली। इस एप के इंस्टॉल होते ही उसके खाते से 10 जनवरी को इंटरनेट बैंकिंग शुरू कर चार आरटीजीएस के माध्यम से पहले पांच लाख, फिर दो लाख, फिर तीन बार में एक-एक लाख रुपये निकाल लिए।
विज्ञापन
करनाल। सेक्टर-8 निवासी सेवानिवृत प्रोफेसर के खाते से साइबर ठग ने बैंक अधिकारी बनकर दस लाख रुपये ठग लिए। आरोपी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
सेक्टर-8 अर्बन स्टेट निवासी लाजपत राय ने बताया कि आईआईटी खड़गपुर से वह प्रोफेसर रिटायर्ड है। उसका एसबीआई में खाता है। इस खाता नंबर पर मोबाइल बैंकिग व इंटरनेट बैंकिग चालू नहीं है। 10 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई जिसने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का कस्टमर केयर अधिकारी रवि शर्मा बताते हुए कहा कि केवाईसी अपडेट करें अन्यथा खाता बंद हो जाएगा। इसके बाद उसने बातों में लगाकर उसका आधार कार्ड व अन्य जानकारी ले ली और एक ओटीपी मांगा जो कि उसने बता दिया। इसके बाद उसने ऐनी डेस्क नाम की एक एप इंस्टॉल करवा ली। इस एप के इंस्टॉल होते ही उसके खाते से 10 जनवरी को इंटरनेट बैंकिंग शुरू कर चार आरटीजीएस के माध्यम से पहले पांच लाख, फिर दो लाख, फिर तीन बार में एक-एक लाख रुपये निकाल लिए।
विज्ञापन