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Karnal News: मांगों के लिए भड़के ग्रामीण सफाई कर्मचारी, कड़ी धूप में डेढ़ घंटा तक गरजे
Tue, 19 May 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 19 May 2026 01:07 AM IST
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कुरुक्षेत्र। ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए। संवाद
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कुरुक्षेत्र। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सफाई कर्मचारी सोमवार को फिर सड़क पर उतर आए। कड़ी धूप के बीच करीब डेढ़ घंटा तक जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर रोष जताया। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने वर्ष 2007 में लगे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने और एक्सग्रेशिया नीति लागू करने की मांग की।
कर्मचारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा एक हजार की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी रखने की घोषणा को लागू करने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि इस योजना के तहत 9,795 नई भर्तियां होनी थी, लेकिन मामला अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा है। जिला प्रधान राजेंद्र बेरथली ने कहा कि लंबे समय से मांगों की अनदेखी की जा रही है। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने रोष जाहिर करते हुए 18 सूत्रीय मांग पत्र ज्ञापन के तौर पर सौंपा। राजेंद्र बेरथली ने बताया कि सरकार नहीं मानी तो 24 व 25 मई को नरवाना में सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री कृष्ण बेदी के आवास पर राज्य स्तरीय आंदोलन किया जाएगा।
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ब्लॉक स्तर पर धरना शुरू : जरनैल सिंह
यूनियन के लाडवा ब्लॉक प्रधान जरनैल सिंह ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पहले दो दिन के लिए आंदोलन किया गया था लेकिन सरकार नहीं मानी तो अब आंदोलन 20 मई तक बढ़ाना पड़ा है। मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
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ये हैं मुख्य मांगें
-पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कर्मचारियों को स्थाई करने के आदेश लागू किए जाएं
- खाली पदों पर -9795 नई भर्तियां की जाएं।
-26 हजार रुपये मासिक वेतन की घोषणा लागू की जाए।
-महंगाई भत्ता और सालाना वेतन वृद्धि लागू की जाए।
-ईपीएफ और ईएसआई की वेतन सीमा बढ़ाकर 27 हजार रुपये किया जाए।
-ड्यूटी के दौरान मौत होने पर सहायता राशि और परिवार को नौकरी दी जाए।
-ठेकेदारी प्रथा खत्म कर कर्मचारियों को विभाग के पेरोल पर लिया जाए।
-दिवाली बोनस और बिना ब्याज अग्रिम राशि दी जाए।
-पांच से छह गांवों का जोन बनाकर ग्रामीण सफाई कर्मियों में से सुपरवाइजर बनाया जाए।
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प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने वर्ष 2007 में लगे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने और एक्सग्रेशिया नीति लागू करने की मांग की।
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कर्मचारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा एक हजार की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी रखने की घोषणा को लागू करने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का कहना था कि इस योजना के तहत 9,795 नई भर्तियां होनी थी, लेकिन मामला अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा है। जिला प्रधान राजेंद्र बेरथली ने कहा कि लंबे समय से मांगों की अनदेखी की जा रही है। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने रोष जाहिर करते हुए 18 सूत्रीय मांग पत्र ज्ञापन के तौर पर सौंपा। राजेंद्र बेरथली ने बताया कि सरकार नहीं मानी तो 24 व 25 मई को नरवाना में सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री कृष्ण बेदी के आवास पर राज्य स्तरीय आंदोलन किया जाएगा।
ब्लॉक स्तर पर धरना शुरू : जरनैल सिंह
यूनियन के लाडवा ब्लॉक प्रधान जरनैल सिंह ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पहले दो दिन के लिए आंदोलन किया गया था लेकिन सरकार नहीं मानी तो अब आंदोलन 20 मई तक बढ़ाना पड़ा है। मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
ये हैं मुख्य मांगें
-पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कर्मचारियों को स्थाई करने के आदेश लागू किए जाएं
- खाली पदों पर -9795 नई भर्तियां की जाएं।
-26 हजार रुपये मासिक वेतन की घोषणा लागू की जाए।
-महंगाई भत्ता और सालाना वेतन वृद्धि लागू की जाए।
-ईपीएफ और ईएसआई की वेतन सीमा बढ़ाकर 27 हजार रुपये किया जाए।
-ड्यूटी के दौरान मौत होने पर सहायता राशि और परिवार को नौकरी दी जाए।
-ठेकेदारी प्रथा खत्म कर कर्मचारियों को विभाग के पेरोल पर लिया जाए।
-दिवाली बोनस और बिना ब्याज अग्रिम राशि दी जाए।
-पांच से छह गांवों का जोन बनाकर ग्रामीण सफाई कर्मियों में से सुपरवाइजर बनाया जाए।

कुरुक्षेत्र। ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए। संवाद