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स्मार्ट सिटी : चार परियोजनाओं के लिए 20 तक की डेडलाइन
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करनाल। स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई चार परियोजनाओं का काम तेज कर दिया गया है। उपायुक्त एवं स्मार्ट सिटी के सीईओ डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने संबंधित एजेंसियों के लिए 20 अगस्त की डेडलाइन तय की है। शक्ति कॉलोनी के ऑब्जर्वेशन होम, शहीद ऊधम सिंह चौक और सेक्टर-33 के सामुदायिक केंद्र समेत खेल सुविधाओं से जुड़े काम इस अवधि में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्मार्ट सिटी कार्यालय में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, उनमें छोटी-छोटी कमियों के कारण काम लंबित न रखा जाए। इन्हें जल्द पूरा कर उद्घाटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
शक्ति कॉलोनी में करीब 4.03 करोड़ रुपये की लागत से ऑब्जर्वेशन होम तैयार किया जा रहा है। वहीं शहीद ऊधम सिंह चौक पर करीब 1.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सेक्टर-33 में करीब 11.20 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक केंद्र, बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबॉल कोर्ट से जुड़े प्रोजेक्ट हैं। इन परियोजनाओं के बचे हुए कार्यों को समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
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बैठक में शहर के सबसे बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में शामिल करीब 127 करोड़ रुपये के एलिवेटेड पुल की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने निर्माण एजेंसी को काम निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। निर्माण के दौरान सामने आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया।
कर्ण स्टेडियम का काम दिसंबर तक
कर्ण स्टेडियम के फेज-एक और फेज-दो के कार्य भी समीक्षा में शामिल रहे। फेज-एक में करीब 24.84 करोड़ रुपये की लागत से खेल सुविधाओं का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसमें लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल, प्रशासनिक ब्लॉक, क्लाइंबिंग वॉल, मंच और बहुद्देश्यीय भवन शामिल हैं। दोनों चरणों के कार्य दिसंबर तक पूरे करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पुरानी अनाज मंडी में निर्माणाधीन कॉमर्शियल स्पेस की प्रगति भी जांची गई। इसका काम अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
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स्मार्ट सिटी कार्यालय में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, उनमें छोटी-छोटी कमियों के कारण काम लंबित न रखा जाए। इन्हें जल्द पूरा कर उद्घाटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
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शक्ति कॉलोनी में करीब 4.03 करोड़ रुपये की लागत से ऑब्जर्वेशन होम तैयार किया जा रहा है। वहीं शहीद ऊधम सिंह चौक पर करीब 1.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सेक्टर-33 में करीब 11.20 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक केंद्र, बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबॉल कोर्ट से जुड़े प्रोजेक्ट हैं। इन परियोजनाओं के बचे हुए कार्यों को समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
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बैठक में शहर के सबसे बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में शामिल करीब 127 करोड़ रुपये के एलिवेटेड पुल की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने निर्माण एजेंसी को काम निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। निर्माण के दौरान सामने आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया।
कर्ण स्टेडियम का काम दिसंबर तक
कर्ण स्टेडियम के फेज-एक और फेज-दो के कार्य भी समीक्षा में शामिल रहे। फेज-एक में करीब 24.84 करोड़ रुपये की लागत से खेल सुविधाओं का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसमें लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल, प्रशासनिक ब्लॉक, क्लाइंबिंग वॉल, मंच और बहुद्देश्यीय भवन शामिल हैं। दोनों चरणों के कार्य दिसंबर तक पूरे करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पुरानी अनाज मंडी में निर्माणाधीन कॉमर्शियल स्पेस की प्रगति भी जांची गई। इसका काम अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।