{"_id":"69c1a4f3fbb9d52439087f9a","slug":"tb-graph-is-out-of-control-867-new-patients-in-60-days-karnal-news-c-18-knl1018-870597-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: टीबी का ग्राफ बेकाबू, 60 दिनों में 867 नए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: टीबी का ग्राफ बेकाबू, 60 दिनों में 867 नए मरीज
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में क्षय रोग (टीबी) के मामलों में आई अचानक तेजी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2026 के पहले 60 दिनों में ही 867 नए मरीज पंजीकृत किए गए हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में कुल 4,964 टीबी मरीज पंजीकृत हुए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 5,396 तक पहुंच गई। एक साल में 432 मरीजों की वृद्धि हुई। वर्ष 2026 की शुरुआत में ही 867 नए मामले सामने आना इस बात का संकेत है कि संक्रमण की रफ्तार पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
जिला क्षय रोग केंद्र के डॉक्टर डॉ. प्रदीप के अनुसार सक्रिय स्क्रीनिंग अभियान और जांच की बढ़ी संख्या भी मामलों में वृद्धि का एक कारण हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव सर्वे, बलगम जांच और एक्स-रे शिविर आयोजित कर रहा है। इससे पहले छिपे हुए मरीजों की पहचान संभव हो पा रही है। नए मरीज शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं। विशेषकर कुपोषण, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संक्रमण का खतरा अधिक पाया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी एक संक्रामक रोग है, इसलिए समय पर जांच और नियमित दवा बेहद जरूरी है।
विभाग ने बढ़ाई निगरानी
डॉ. प्रदीप ने बताया कि सभी चिह्नित मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जा रही है। निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है, ताकि उपचार बीच में न छूटे। उन्होंने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण हों तो तुरंत जांच कराएं।
-- -
विश्व क्षय रोग दिवस
24 मार्च, 1882 को डॉ. रॉबर्ट कोच ने टीबी पैदा करने वाले जीवाणु की खोज की घोषणा की थी। इससे इस बीमारी के निदान और उपचार का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस साल की थीम है ‘हां, हम टीबी को खत्म कर सकते हैं’। यह थीम टीबी उन्मूलन के लिए प्रतिबद्धता, निवेश और ठोस प्रयासों के माध्यम से टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के संकल्प पर जोर देती है।
टीबी के वार्षिक आंकड़े
वर्ष
कुल पंजीकृत मरीज
2024
4964
2025
5396
2026 (पहले 60 दिन)
867
Trending Videos
करनाल। जिले में क्षय रोग (टीबी) के मामलों में आई अचानक तेजी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2026 के पहले 60 दिनों में ही 867 नए मरीज पंजीकृत किए गए हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में कुल 4,964 टीबी मरीज पंजीकृत हुए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 5,396 तक पहुंच गई। एक साल में 432 मरीजों की वृद्धि हुई। वर्ष 2026 की शुरुआत में ही 867 नए मामले सामने आना इस बात का संकेत है कि संक्रमण की रफ्तार पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला क्षय रोग केंद्र के डॉक्टर डॉ. प्रदीप के अनुसार सक्रिय स्क्रीनिंग अभियान और जांच की बढ़ी संख्या भी मामलों में वृद्धि का एक कारण हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव सर्वे, बलगम जांच और एक्स-रे शिविर आयोजित कर रहा है। इससे पहले छिपे हुए मरीजों की पहचान संभव हो पा रही है। नए मरीज शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं। विशेषकर कुपोषण, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संक्रमण का खतरा अधिक पाया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी एक संक्रामक रोग है, इसलिए समय पर जांच और नियमित दवा बेहद जरूरी है।
विभाग ने बढ़ाई निगरानी
डॉ. प्रदीप ने बताया कि सभी चिह्नित मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जा रही है। निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है, ताकि उपचार बीच में न छूटे। उन्होंने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण हों तो तुरंत जांच कराएं।
विश्व क्षय रोग दिवस
24 मार्च, 1882 को डॉ. रॉबर्ट कोच ने टीबी पैदा करने वाले जीवाणु की खोज की घोषणा की थी। इससे इस बीमारी के निदान और उपचार का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस साल की थीम है ‘हां, हम टीबी को खत्म कर सकते हैं’। यह थीम टीबी उन्मूलन के लिए प्रतिबद्धता, निवेश और ठोस प्रयासों के माध्यम से टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के संकल्प पर जोर देती है।
टीबी के वार्षिक आंकड़े
वर्ष
कुल पंजीकृत मरीज
2024
4964
2025
5396
2026 (पहले 60 दिन)
867