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Karnal News: अधिवक्ता बोले- सरकार ने हमारी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया तो तेज करेंगे आंदोलन
Fri, 31 Jul 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:31 AM IST
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जिला अदालत परिसर में हड़ताल पर बैठे एडवोकेट।
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करनाल। लीगल एड डिफेंस काउंसिल यानी एलएडीसी व्यवस्था के विरोध में करनाल बार एसोसिएशन का आंदोलन वीरवार को भी जारी रही। बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने दूसरे दिन क्रमिक भूख हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और एलएडीसी व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह व्यवस्था जिला अदालतों में वर्षों से प्रेक्टिस कर रहे वकीलों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी और न्याय व्यवस्था की मौजूदा कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकती है।
बार एसोसिएशन के प्रधान सुरजीत मंढान ने कहा कि अधिवक्ता कई दिनों से अपनी मांगों को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष रख रहे हैं लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं बल्कि सरकार के साथ संवाद स्थापित कर ऐसा समाधान निकालना है जिससे अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके। अगर सरकार ने अधिवक्ताओं की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सकारात्मक बातचीत हो
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण और अभिन्न कड़ी हैं। ऐसे में उनके अधिकारों और भविष्य को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं से व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से एलएडीसी व्यवस्था पर पुनर्विचार करने तथा बार प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक बातचीत कर ऐसा रास्ता निकालने की मांग की, जिससे न्याय व्यवस्था और अधिवक्ताओं दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
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अधिवक्ता एकजुट
इस दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चांदवीर मंढान, उपप्रधान नितिन शर्मा, सचिव नवीन राणा तथा संयुक्त सचिव संगीता भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन अपने अधिकारों और अधिवक्ताओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष कर रही है और सभी अधिवक्ता एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
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बार एसोसिएशन के प्रधान सुरजीत मंढान ने कहा कि अधिवक्ता कई दिनों से अपनी मांगों को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष रख रहे हैं लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं बल्कि सरकार के साथ संवाद स्थापित कर ऐसा समाधान निकालना है जिससे अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके। अगर सरकार ने अधिवक्ताओं की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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सकारात्मक बातचीत हो
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण और अभिन्न कड़ी हैं। ऐसे में उनके अधिकारों और भविष्य को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं से व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से एलएडीसी व्यवस्था पर पुनर्विचार करने तथा बार प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक बातचीत कर ऐसा रास्ता निकालने की मांग की, जिससे न्याय व्यवस्था और अधिवक्ताओं दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
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अधिवक्ता एकजुट
इस दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चांदवीर मंढान, उपप्रधान नितिन शर्मा, सचिव नवीन राणा तथा संयुक्त सचिव संगीता भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन अपने अधिकारों और अधिवक्ताओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष कर रही है और सभी अधिवक्ता एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।