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Karnal News: संग्रहालय की नहीं संभाल, हो रहा खंडहर
Mon, 18 May 2026 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 18 May 2026 01:57 AM IST
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संग्रहालय पानीपत। संवाद
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पानीपत। विश्व संग्रहालय दिवस सोमवार को है। ऐतिहासिक नगरी नगरी पानीपत के 495 सालों की दास्तां संजोए बैठा पानीपत संग्रहालय उपेक्षा का शिकार हो रहा है। इसके रखरखाव का पुरातत्व विभाग और प्रशासन का ध्यान नहीं है। पर्यटकों भी मुंह मोड़े हुए हैं। यहां कभी कभार ही कोई पर्यटक आता है। शेष दिनों में यह वीरान रहता है।
पानीपत में तीन लड़ाई लड़ी गईं। तीनों लड़ाइयों के बड़े योद्धाओं की प्रतिमा जीटी रोड पर लगाई गई थी। एलिवेटेड हाईवे निर्माण के समय इसको सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में स्थानांतरित कर दिया गया। प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने इसकी नई पहचान देने का दावा किया था। इसका बेहतर रख रखाव आज भी नहीं किया जा रहा है। बाबर और अकबर के चित्र संग्रहित संग्रहालय का एक मुख्य आकर्षण लघु चित्रों की तस्वीरें हैं।
पानीपत संग्रहालय की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य हरियाणा के पुरातत्व, इतिहास, कला और शिल्प के बारे में जानकारी देना और जागरुकता पैदा करना था। यहां प्राचीन वस्तुएं, शिलालेख, मूर्तियां, हथियार और कवच, मिट्टी के बर्तन, पुराने और मूल्यवान दस्तावेज, आभूषण, कला और शिल्प की वस्तुएं प्रदर्शित हैं। यह संग्रहालय पानीपत की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों और देशभक्त योद्धाओं की बहादुरी से संबंधित लेखों, तस्वीरों और ट्रांस-स्लाइड्स के माध्यम से देखने का एक दुर्लभ अवसर भी प्रदान करता है। इन लघु चित्रों को नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय, ब्रिटिश लाइब्रेरी और लंदन के विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से प्राप्त किया गया है। पहले इस संग्रहालय को नि:शुल्क देखा जा सकता था लेकिन अब पुरातत्व और संग्रहालय विभाग हरियाणा ने यहां टिकट सिस्टम लागू कर दिया है। स्कूली बच्चों के लिए 10, वयस्क के लिए 25 और विदेशी पर्यटकों के लिए 75 रुपये की टिकट निर्धारित की गई है।
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काला आंब में ले जाने का प्रस्ताव
पानीपत संग्रहालय को काला आंब में शिफ्ट किया जाना है। यहां 16 एकड़ में पर्यटक स्थल बनाया जाना है। अब छह एकड़ जमीन है। बाकी दस एकड़ जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब यहां पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। यह कार्य हरियाणा और महाराष्ट्र सरकार मिलकर कर रही है।
जिला संग्रहालय को काला आंब में ले जाया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। -डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
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पानीपत में तीन लड़ाई लड़ी गईं। तीनों लड़ाइयों के बड़े योद्धाओं की प्रतिमा जीटी रोड पर लगाई गई थी। एलिवेटेड हाईवे निर्माण के समय इसको सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में स्थानांतरित कर दिया गया। प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने इसकी नई पहचान देने का दावा किया था। इसका बेहतर रख रखाव आज भी नहीं किया जा रहा है। बाबर और अकबर के चित्र संग्रहित संग्रहालय का एक मुख्य आकर्षण लघु चित्रों की तस्वीरें हैं।
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पानीपत संग्रहालय की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य हरियाणा के पुरातत्व, इतिहास, कला और शिल्प के बारे में जानकारी देना और जागरुकता पैदा करना था। यहां प्राचीन वस्तुएं, शिलालेख, मूर्तियां, हथियार और कवच, मिट्टी के बर्तन, पुराने और मूल्यवान दस्तावेज, आभूषण, कला और शिल्प की वस्तुएं प्रदर्शित हैं। यह संग्रहालय पानीपत की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों और देशभक्त योद्धाओं की बहादुरी से संबंधित लेखों, तस्वीरों और ट्रांस-स्लाइड्स के माध्यम से देखने का एक दुर्लभ अवसर भी प्रदान करता है। इन लघु चित्रों को नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय, ब्रिटिश लाइब्रेरी और लंदन के विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से प्राप्त किया गया है। पहले इस संग्रहालय को नि:शुल्क देखा जा सकता था लेकिन अब पुरातत्व और संग्रहालय विभाग हरियाणा ने यहां टिकट सिस्टम लागू कर दिया है। स्कूली बच्चों के लिए 10, वयस्क के लिए 25 और विदेशी पर्यटकों के लिए 75 रुपये की टिकट निर्धारित की गई है।
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काला आंब में ले जाने का प्रस्ताव
पानीपत संग्रहालय को काला आंब में शिफ्ट किया जाना है। यहां 16 एकड़ में पर्यटक स्थल बनाया जाना है। अब छह एकड़ जमीन है। बाकी दस एकड़ जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब यहां पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। यह कार्य हरियाणा और महाराष्ट्र सरकार मिलकर कर रही है।
जिला संग्रहालय को काला आंब में ले जाया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। -डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।

संग्रहालय पानीपत। संवाद

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