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Karnal News: सर्वाइकल कैंसर से बचाता है टीका, सेहत पर असर नहीं
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युवती को टीका लगाती नर्स। स्वास्थ्य विभाग
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान की रफ्तार को लोगों की झिझक और भ्रांतियों ने थाम दिया है। जागरूकता के इस दौर में भी अफवाहें हावी हैं। एक माह में सिर्फ लक्ष्य का 10 फीसदी ही टीकाकरण हो पाया है। चिकित्सकों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे अच्छा और सटीक उपाय टीकाकरण है। इससे कोई नुकसान नहीं होता।
स्वास्थ्य विभाग ने 15 हजार बालिकाओं को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया था। अभी तक सिर्फ 1,500 टीके ही लगाए जा सके हैं। नोडल अधिकारी डॉ. अभय ने बताया कि टीकाकरण की गति कम होने का सबसे बड़ा कारण लोगों में फैली भ्रांतियां हैं।
उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि लोग इस टीके को प्रजनन क्षमता पर असर डालने वाला मान रहे हैं। कई अभिभावक यह सोचकर अपनी बेटियों को टीका नहीं लगवा रहे कि इससे भविष्य में मां बनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, यह टीका केवल ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सुरक्षा देता है जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। इसका प्रजनन क्षमता या हार्मोनल सिस्टम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
साइड इफेक्ट
सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी ने साफ किया कि अब तक जिले में लगाए गए सभी टीकों में एक भी दुष्परिणाम सामने नहीं आया है। टीका वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है।
शादीशुदा महिलाओं के लिए ही जरूरी
डॉ. अभय के मुताबिक यह टीका 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं के लिए सबसे अधिक प्रभावी होता है क्योंकि इस उम्र में शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर तरीके से विकसित होती है।
-एक भ्रांति यह भी है कि सर्वाइकल कैंसर केवल कुछ विशेष वर्ग की महिलाओं को होता है। सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि यह बीमारी किसी भी महिला को हो सकती है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर टीकाकरण है।
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आज निकाली जाएगी जागरूकता वॉकथॉन
रविवार सुबह स्वास्थ्य विभाग विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर के टीकाकरण के बारे में जागरूकता का संदेश देने के लिए वॉकथॉन निकालेगा। यह वॉक करनाल क्लब से सुबह 7 बजे शुरू होगी। शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई करनाल क्लब पर ही समाप्त होगी। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, मेयर रेणु बाला गुप्ता और आईएमए के अध्यक्ष मौजूद रहेंगे।
डॉ. अभय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। अभिभावकों को सही जानकारी देने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
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करनाल। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान की रफ्तार को लोगों की झिझक और भ्रांतियों ने थाम दिया है। जागरूकता के इस दौर में भी अफवाहें हावी हैं। एक माह में सिर्फ लक्ष्य का 10 फीसदी ही टीकाकरण हो पाया है। चिकित्सकों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे अच्छा और सटीक उपाय टीकाकरण है। इससे कोई नुकसान नहीं होता।
स्वास्थ्य विभाग ने 15 हजार बालिकाओं को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया था। अभी तक सिर्फ 1,500 टीके ही लगाए जा सके हैं। नोडल अधिकारी डॉ. अभय ने बताया कि टीकाकरण की गति कम होने का सबसे बड़ा कारण लोगों में फैली भ्रांतियां हैं।
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उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि लोग इस टीके को प्रजनन क्षमता पर असर डालने वाला मान रहे हैं। कई अभिभावक यह सोचकर अपनी बेटियों को टीका नहीं लगवा रहे कि इससे भविष्य में मां बनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, यह टीका केवल ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सुरक्षा देता है जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। इसका प्रजनन क्षमता या हार्मोनल सिस्टम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
साइड इफेक्ट
सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी ने साफ किया कि अब तक जिले में लगाए गए सभी टीकों में एक भी दुष्परिणाम सामने नहीं आया है। टीका वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है।
शादीशुदा महिलाओं के लिए ही जरूरी
डॉ. अभय के मुताबिक यह टीका 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं के लिए सबसे अधिक प्रभावी होता है क्योंकि इस उम्र में शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर तरीके से विकसित होती है।
-एक भ्रांति यह भी है कि सर्वाइकल कैंसर केवल कुछ विशेष वर्ग की महिलाओं को होता है। सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि यह बीमारी किसी भी महिला को हो सकती है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर टीकाकरण है।
आज निकाली जाएगी जागरूकता वॉकथॉन
रविवार सुबह स्वास्थ्य विभाग विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर के टीकाकरण के बारे में जागरूकता का संदेश देने के लिए वॉकथॉन निकालेगा। यह वॉक करनाल क्लब से सुबह 7 बजे शुरू होगी। शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई करनाल क्लब पर ही समाप्त होगी। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, मेयर रेणु बाला गुप्ता और आईएमए के अध्यक्ष मौजूद रहेंगे।
डॉ. अभय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। अभिभावकों को सही जानकारी देने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।