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Kurukshetra News: खींचतान के बीच एचएसजीएमसी ने संभाला मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान का संचालन
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प्रबंधन हस्तांतरण के दौरान मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में मौजूद मरीज व पुलिस बल। संवाद
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से दो माह 17 दिन पहले दिए फैसले के अनुसार मीरी पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर का प्रबंधन अपने अधीन ले लिया है। हरियाणा कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा कार्यकारिणी के साथ सोमवार को संस्थान पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से प्रक्रिया पूरी की। इस दाैरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया। वहीं विवाद की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था।
झींडा ने कहा कि मेडिकल संस्थान में कार्यरत चिकित्सक व अन्य कर्मचारियों का जून माह का करीब एक करोड़ 36 लाख 97 हजार का वेतन मंगलवार को ही हरियाणा कमेटी की ओर से जारी कर दिया जाएगा जबकि पिछले दो माह का लंबित वेतन दिए जाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अमृतसर को पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद भी एसजीपीसी ने दोनों माह का वेतन जारी नहीं किया तो इसके लिए कानून का सहारा भी लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज के बाद संस्थान के सभी कर्मचारी हरियाणा कमेटी के अधीन ही होंगे और आगे हर लेन-देन कमेटी का ही होगा। कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। यहां तक कि मेडिकल संस्थान की उप शाखाएं भी स्थापित करते हुए इसका विस्तार किया जाएगा। कमेटी की बैठक कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान के वर्तमान ट्रस्टियों को भी पत्र लिखा जाएगा कि वे पहले की तरह संस्थान को बेहतर रूप से चलाने के लिए सहयोग जारी रखें।
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वीरवार को दिया था 72 घंटे में सेवा संभाल लिए जाने का अल्टीमेटम
कुरुक्षेत्र स्थित एचएसजीएमसी मुख्यालय में हुई वीरवार को हुई एचएसजीएमसी कार्यकारिणी की बैठक में एसजीपीसी और मौजूदा ट्रस्टियों को संस्थान का प्रबंधन स्वेच्छा से सौंपने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था। चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय सीमा पूरी होने पर एचएसजीएमसी स्वयं संस्थान का कार्यभार संभालेगी। रविवार को 72 घंटे पूरे होने के बाद सोमवार सुबह प्रधान जगदीश सिंह झींडा और कार्यकारी सदस्यों ने अधिकारियों की मौजूदगी में संस्थान में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया गया। प्रशासन की ओर से एक्सईएन सिंचाई विभाग नवतेज सिंह को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्ति किया गया था। इस दौरान संस्थान के सीईओ डॉ. संदीपइंदर सिंह चीमा ने कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया में सहयोग किया। मौके पर उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों में वरिष्ठ मीत प्रधान गुरमीत सिंह, मीत प्रधान गुरबीर सिंह, अंग्रेज सिंह, बलविंदर सिंह, करनैल सिंह, पलविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, तजिंदरपाल सिंह, जगतार सिंह, रुपिंदर सिंह, बीबी करतार कौर, जसबीर कौर मसाना, अधिवक्ता गुरतेज सिंह, जोगा सिंह, दीदार सिंह नलवी, सुखदेव सिंह, मोहनजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, मेजर सिंह, गुरनाम सिंह लाडी, जसविंदर सिंह, नरिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह, जज सिंह, शमशेर सिंह मौजूद रहे।
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झींडा ने कहा कि मेडिकल संस्थान में कार्यरत चिकित्सक व अन्य कर्मचारियों का जून माह का करीब एक करोड़ 36 लाख 97 हजार का वेतन मंगलवार को ही हरियाणा कमेटी की ओर से जारी कर दिया जाएगा जबकि पिछले दो माह का लंबित वेतन दिए जाने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अमृतसर को पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद भी एसजीपीसी ने दोनों माह का वेतन जारी नहीं किया तो इसके लिए कानून का सहारा भी लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि आज के बाद संस्थान के सभी कर्मचारी हरियाणा कमेटी के अधीन ही होंगे और आगे हर लेन-देन कमेटी का ही होगा। कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। यहां तक कि मेडिकल संस्थान की उप शाखाएं भी स्थापित करते हुए इसका विस्तार किया जाएगा। कमेटी की बैठक कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान के वर्तमान ट्रस्टियों को भी पत्र लिखा जाएगा कि वे पहले की तरह संस्थान को बेहतर रूप से चलाने के लिए सहयोग जारी रखें।
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वीरवार को दिया था 72 घंटे में सेवा संभाल लिए जाने का अल्टीमेटम
कुरुक्षेत्र स्थित एचएसजीएमसी मुख्यालय में हुई वीरवार को हुई एचएसजीएमसी कार्यकारिणी की बैठक में एसजीपीसी और मौजूदा ट्रस्टियों को संस्थान का प्रबंधन स्वेच्छा से सौंपने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था। चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय सीमा पूरी होने पर एचएसजीएमसी स्वयं संस्थान का कार्यभार संभालेगी। रविवार को 72 घंटे पूरे होने के बाद सोमवार सुबह प्रधान जगदीश सिंह झींडा और कार्यकारी सदस्यों ने अधिकारियों की मौजूदगी में संस्थान में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया गया। प्रशासन की ओर से एक्सईएन सिंचाई विभाग नवतेज सिंह को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्ति किया गया था। इस दौरान संस्थान के सीईओ डॉ. संदीपइंदर सिंह चीमा ने कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया में सहयोग किया। मौके पर उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों में वरिष्ठ मीत प्रधान गुरमीत सिंह, मीत प्रधान गुरबीर सिंह, अंग्रेज सिंह, बलविंदर सिंह, करनैल सिंह, पलविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, तजिंदरपाल सिंह, जगतार सिंह, रुपिंदर सिंह, बीबी करतार कौर, जसबीर कौर मसाना, अधिवक्ता गुरतेज सिंह, जोगा सिंह, दीदार सिंह नलवी, सुखदेव सिंह, मोहनजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, मेजर सिंह, गुरनाम सिंह लाडी, जसविंदर सिंह, नरिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह, जज सिंह, शमशेर सिंह मौजूद रहे।

प्रबंधन हस्तांतरण के दौरान मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में मौजूद मरीज व पुलिस बल। संवाद

प्रबंधन हस्तांतरण के दौरान मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में मौजूद मरीज व पुलिस बल। संवाद