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Kurukshetra News: सिलिंडर न मिलने पर पांच दिन से अटल श्रमिक किसान कैंटीन बंद
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लाडवा। गैस सिलिंडर न मिलने पर खाली बैठी कैंटीन संचालक महिलाएं। संवाद
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लाडवा। सिलिंडर नहीं मिलने से पिछले पांच दिनों से अटल श्रमिक किसान कैंटीन बंद है जिससे किसान व प्रवासी श्रमिक महंगे दामों पर बाहर खाना खाने को मजबूर हैं। लाडवा मार्केट कमेटी परिसर में हरियाणा राज्य कृषि विपणन मंडल के सहयोग से सूरज क्लस्टर लेवल फेडरेशन के तहत स्वयं सहायता समूह की ओर से संचालित अटल श्रमिक किसान कैंटीन पिछले पांच दिन से गैस न मिलने के कारण बंद पड़ी है।
इससे रोजाना सस्ते भोजन पर निर्भर सैकड़ों लोगों को अब महंगा खाना खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कैंटीन में काम करने वाली महिला कर्मचारी मुकेश लता, पुष्पा रानी, शीतल रानी रिंकी देवी, पूनम देवी, मीना, ममता, सुनीता, नानकी और कांतादेवी ने बताया कि पिछले पांच दिन से रसोई गैस सिलिंडर नहीं मिलने से कैंटीन बंद है जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने शुक्रवार को उपमंडल अधिकारी अनुभव मेहता को अपनी समस्या से अवगत कराया था। वीरवार को भी उन्होंने सिलेंडर नही मिलने की शिकायत की थी लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वह पिछले काफी समय से कैंटीन चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। सरसों व गेहूं के सीजन में प्रवासी, स्थानीय श्रमिकों और किसानों की संख्या मंडी में बढ़ जाती है जिससे उनकी अच्छी आमदनी की उम्मीद होती है।
पिछले कई दिनों से वे कैंटीन में खाली बैठकर घर चले जाते हैं। उपमंडल अधिकारी अनुभव मेहता ने बताया कि कमेटी का गठन कर दिया गया है।
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इससे रोजाना सस्ते भोजन पर निर्भर सैकड़ों लोगों को अब महंगा खाना खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कैंटीन में काम करने वाली महिला कर्मचारी मुकेश लता, पुष्पा रानी, शीतल रानी रिंकी देवी, पूनम देवी, मीना, ममता, सुनीता, नानकी और कांतादेवी ने बताया कि पिछले पांच दिन से रसोई गैस सिलिंडर नहीं मिलने से कैंटीन बंद है जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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उन्होंने शुक्रवार को उपमंडल अधिकारी अनुभव मेहता को अपनी समस्या से अवगत कराया था। वीरवार को भी उन्होंने सिलेंडर नही मिलने की शिकायत की थी लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वह पिछले काफी समय से कैंटीन चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। सरसों व गेहूं के सीजन में प्रवासी, स्थानीय श्रमिकों और किसानों की संख्या मंडी में बढ़ जाती है जिससे उनकी अच्छी आमदनी की उम्मीद होती है।
पिछले कई दिनों से वे कैंटीन में खाली बैठकर घर चले जाते हैं। उपमंडल अधिकारी अनुभव मेहता ने बताया कि कमेटी का गठन कर दिया गया है।