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Kurukshetra News: सूरजमुखी खरीद पर रार किसान हाईकोर्ट पहुंचे
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शाहाबाद। सूरजमुखी खरीद पर रार खत्म नहीं हो पा रही है। जहां आढ़ती सरकार द्वारा तय एक फीसदी कमीशन पर खरीद करवाने को तैयार नहीं वहीं शाहाबाद के 11 किसानों ने मिलकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
किसानों ने जनहित याचिका दायर पर अदालत की डबल बेंच ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह किसानों के हितों की रक्षा करते हुए इस समस्या का समाधान करें। न्यायालय ने सरकार से कहा है कि वह मंगलवार तक अपनी कार्ययोजना एवं समाधान संबंधी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी, जिसमें सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी न्यायालय के समक्ष रखनी होगी।
अदालत में पहुंचे किसान नेता राकेश बैंस, जसबीर सिंह मामूमाजरा व अन्य ने कहा कि वर्तमान में खरीद कोऑपरेटिव सोसायटी के जरिए कराई जा रही है जबकि आढ़ती सरकार द्वारा तय एक फीसदी कमीशन पर खरीद कराने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में न तो खरीद समुचित रूप से हो पा रही है और न ही सरकार द्वारा तय एक माह के दौरान पूरी फसल की खरीद हो पाएगी। यह सरकार तय करे कि आढ़तियों को क्या कमीशन देना है लेकिन किसान का शोषण रोकना व खरीद प्रक्रिया आढ़तियों के जरिए भी शुरू कराई जानी चाहिए। 25 मई से सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है जबकि अभी तक समुचित खरीद नहीं हो पा रही। किसानों को फसल पर बदलते मौसम का भी खतरा बना हुआ है। सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं किसानों ने आरोप लगाए कि उनसे सूरजमुखी खरीद के दौरान सुखाने व अन्य कार्यों के चलते अवैध वसूली की जाती है, जिसे रोका जाना चाहिए।
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चढूनी बोले, सरकार सूरजमुखी खरीद के लिए एक पत्र जारी नहीं कर रही : भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बयान जारी कर कहा कि 25 मई से सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू की गई थी लेकिन आज एक सप्ताह से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सरकार के अधिकारियों ने खरीद का पत्र जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि किसान फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
किसानों ने जनहित याचिका दायर पर अदालत की डबल बेंच ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह किसानों के हितों की रक्षा करते हुए इस समस्या का समाधान करें। न्यायालय ने सरकार से कहा है कि वह मंगलवार तक अपनी कार्ययोजना एवं समाधान संबंधी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी, जिसमें सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी न्यायालय के समक्ष रखनी होगी।
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अदालत में पहुंचे किसान नेता राकेश बैंस, जसबीर सिंह मामूमाजरा व अन्य ने कहा कि वर्तमान में खरीद कोऑपरेटिव सोसायटी के जरिए कराई जा रही है जबकि आढ़ती सरकार द्वारा तय एक फीसदी कमीशन पर खरीद कराने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में न तो खरीद समुचित रूप से हो पा रही है और न ही सरकार द्वारा तय एक माह के दौरान पूरी फसल की खरीद हो पाएगी। यह सरकार तय करे कि आढ़तियों को क्या कमीशन देना है लेकिन किसान का शोषण रोकना व खरीद प्रक्रिया आढ़तियों के जरिए भी शुरू कराई जानी चाहिए। 25 मई से सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है जबकि अभी तक समुचित खरीद नहीं हो पा रही। किसानों को फसल पर बदलते मौसम का भी खतरा बना हुआ है। सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं किसानों ने आरोप लगाए कि उनसे सूरजमुखी खरीद के दौरान सुखाने व अन्य कार्यों के चलते अवैध वसूली की जाती है, जिसे रोका जाना चाहिए।
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