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गीता जीवन प्रबंधन और आत्मिक विकास का मार्गदर्शक : ज्ञानानंद
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 25 May 2026 01:42 AM IST
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कुरुक्षेत्र। जीओ गीता संस्थानम में गीता प्रवाह पंचमी मासिक प्रबुद्ध गीता संगोष्ठी में हिस्सा ले
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जीओ गीता संस्थानम में आयोजित गीता प्रवाह पंचमी मासिक प्रबुद्ध गीता संगोष्ठी हुई। जिसमें गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन और आत्मिक विकास का मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि गीता प्रवाह का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और गीता दर्शन से जोड़ना है।
श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुर्वेद और गीता दोनों का उद्देश्य मानव को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ बनाना है। मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि गीता सामाजिक समरसता, संस्कार और मानवता को जोड़ने वाला जीवन दर्शन है। ऐसे दौर में गीता का कर्मयोग, संयम, आत्मविश्वास और कर्तव्य का संदेश युवाओं को मानसिक शक्ति प्रदान करता है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की आचार्या डॉ. सीमा ने कहा कि आज के तेज जीवन में श्रीमद्भगवद्गीता मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ बनकर सामने आती है। कनाडा से प्रो. प्रताप पुरोहित वर्चुअल रूप से जुड़े।
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कुरुक्षेत्र। जीओ गीता संस्थानम में आयोजित गीता प्रवाह पंचमी मासिक प्रबुद्ध गीता संगोष्ठी हुई। जिसमें गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन और आत्मिक विकास का मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि गीता प्रवाह का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और गीता दर्शन से जोड़ना है।
श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुर्वेद और गीता दोनों का उद्देश्य मानव को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ बनाना है। मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि गीता सामाजिक समरसता, संस्कार और मानवता को जोड़ने वाला जीवन दर्शन है। ऐसे दौर में गीता का कर्मयोग, संयम, आत्मविश्वास और कर्तव्य का संदेश युवाओं को मानसिक शक्ति प्रदान करता है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की आचार्या डॉ. सीमा ने कहा कि आज के तेज जीवन में श्रीमद्भगवद्गीता मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ बनकर सामने आती है। कनाडा से प्रो. प्रताप पुरोहित वर्चुअल रूप से जुड़े।
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